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—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह— “हम तो पटाखे फोड़ेंगे, पटाखों पर ज्ञान न पेलें” — धीरेंद्र शास्त्री का दिवाली पर बड़ा बयान

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

“हम तो पटाखे फोड़ेंगे, पटाखों पर ज्ञान न पेलें” — धीरेंद्र शास्त्री का दिवाली पर बड़ा बयान


मुंबई/भिवंडी, महाराष्ट्र:
बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिवाली से पहले एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरी हैं। महाराष्ट्र के भिवंडी में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने हर साल दिवाली पर पटाखों को लेकर छिड़ने वाली बहस पर खुलकर अपनी राय रखी।

शास्त्री ने कहा —

> “हम तो पटाखे फोड़ेंगे, कृपया इस पर हमें ज्ञान न पेलें।”

उन्होंने आगे कहा कि —

> “दीवाली पर बहुत सावधानी रखें और ज्ञान न पेलें। दूसरे मजहब वालों से यही निवेदन है कि ज्ञान न पेलें, क्योंकि हम न आपके बकरीद पर ज्ञान देते हैं, न आपके ताजिया पर… तो आप भी होली-दिवाली पर ज्ञान न दें।”

धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान उन लोगों की ओर इशारा करता है जो दिवाली के मौके पर पटाखों से प्रदूषण या पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ते हैं।

शास्त्री ने कहा कि धार्मिक पर्वों को उनकी आस्था और परंपरा के साथ मनाना हर व्यक्ति का अधिकार है, और किसी भी समुदाय को दूसरे धर्म के त्योहारों पर ‘ज्ञान’ या उपदेश देने से बचना चाहिए।

उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि पटाखे फोड़ने में सुरक्षा और संयम जरूर बरता जाए — ताकि खुशी के मौके पर कोई दुर्घटना न हो।

हर साल दिवाली से पहले देशभर में पटाखों पर प्रतिबंध, प्रदूषण नियंत्रण, और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो जाती है।
कुछ लोग पर्यावरणीय कारणों से पटाखों पर रोक लगाने की मांग करते हैं, जबकि कई लोग इसे हिंदू परंपरा और उत्सव का हिस्सा बताते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान उसी चल रही बहस के बीच आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान एक तरह से धार्मिक सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान का संदेश देता है — कि जैसे हम दूसरों के त्योहारों में हस्तक्षेप नहीं करते, वैसे ही दूसरों को भी होली, दिवाली या अन्य हिंदू पर्वों में उपदेश देने से बचना चाहिए।
हालाँकि, पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर संतुलन बनाए रखना समाज की साझा जिम्मेदारी भी है।

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