—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
दमोह में ज़मीन सौदे में बड़ी ठगी — व्यापारी से 10.50 लाख रुपये लेकर भी नहीं की रजिस्ट्री, आरोपी फरार जैसी स्थिति में


दमोह। ज़मीन के सौदे के नाम पर शहर के एक व्यापारी से लाखों रुपये हड़प लिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मांगज वार्ड क्रमांक 01 निवासी व्यापारी अनुराग बजाज ने बताया कि नया बाजार निवासी नदीम सौदागर पिता इब्राहिम सौदागर ने छलपूर्वक उनसे 10 लाख 50 हजार रुपये लेकर भी अब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं की। मामला कुलुवा मारूताल क्षेत्र की खसरा नंबर 47/40/1(S) स्थित भूमि से संबंधित है, जो आरोपी के नाम पर दर्ज है।
अनुराग बजाज के अनुसार,
11 सितंबर 2021 को उन्होंने 11,000 रुपये नकद और 89,000 रुपये का आईसीआईसीआई बैंक का चेक दिया था।
चेक प्रक्रिया में समस्या आने पर 28 सितंबर को उन्होंने 89,000 रुपये नकद दिए।
इसके बाद यूनियन बैंक, दमोह के माध्यम से आरोपी के खाते में किश्तों में रकम जमा की गई —
25 व 26 नवंबर 2021: ₹1.80 लाख + ₹1.80 लाख
7 दिसंबर 2021: ₹1 लाख
22 दिसंबर 2021: ₹1 लाख
24 दिसंबर 2021: ₹2.50 लाख
30 अप्रैल 2022: ₹1 लाख
— कुल ₹10.50 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम से भुगतान किए गए।
इसके बावजूद आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं कराई। जब भी व्यापारी ने रजिस्ट्री की बात की, आरोपी हर बार “आज-कल” कहकर टालता रहा। आरोपी ने कुछ दस्तावेज देकर कहा था कि “आप रख लो, जल्द रजिस्ट्री करा दूंगा”, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी न जमीन का सौदा पूरा हुआ, न रकम लौटी।
व्यापारी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए कहा कि आरोपी की नीयत शुरू से ही धोखाधड़ी और छल की रही है। उसने विश्वासघात कर रकम हड़प ली। व्यापारी ने आरोपी नदीम सौदागर के खिलाफ धारा 406, 420 और 409 (अमानत में खयानत, धोखाधड़ी व ठगी) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
दमोह में बढ़ रहे फर्जी सौदों के मामले
हाल के दिनों में दमोह में संपत्ति सौदों में धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बिना विधिक जांच और रजिस्ट्री के पहले अग्रिम भुगतान करना जोखिम भरा होता है।
पीड़ित व्यापारी ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी पर सख्त कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार न बने।








