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—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह— दीपावली भाईदूज पर जिला जेल दमोह में खुली मुलाकात — 500 परिजनों ने अपने बंदी भाइयों से मनाया स्नेह पर्व

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

दीपावली भाईदूज पर जिला जेल दमोह में खुली मुलाकात — 500 परिजनों ने अपने बंदी भाइयों से मनाया स्नेह पर्व

दमोह। दीपावली के पावन अवसर पर भाई-दूज जैसे स्नेह और भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित पर्व को लेकर जिला जेल दमोह में गुरुवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। केन्द्रीय जेल सागर के मौखिक निर्देशानुसार जिला जेल दमोह में बंदियों की माताओं और बहनों के लिए विशेष खुली मुलाकात का आयोजन किया गया, ताकि वे अपने परिरूद्ध भाइयों से भाई-दूज का पर्व मना सकें।

यह मुलाकात प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होकर अपराह्न 2 बजे तक चली। इस दौरान जेल प्रशासन ने गाइडलाइन के अनुरूप सभी सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं।

*भावनाओं से भरा दिन, भाई-बहनों के बीच छलके आँसू*

इस विशेष मुलाकात में 167 बंदियों से 490 माताओं और बहनों, 69 बच्चों तथा 3 महिला बंदियों से उनके 10 भाइयों ने भेंट की। बहनों ने अपने बंदी भाइयों को कुमकुम का तिलक लगाया, रक्षासूत्र (राखी) बाँधी, मिठाई खिलाई, और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कई बहनों की आँखों में आँसू छलक पड़े तो कुछ बंदी भाइयों ने भी भावुक होकर अपनी बहनों से गले लगकर आशीर्वाद माँगा।

*जेल प्रशासन ने की उत्कृष्ट व्यवस्था*

जेल अधीक्षक श्री सी.एल. प्रजापति ने बताया कि इस विशेष अवसर पर कुल 170 बंदियों से लगभग 500 परिजनों एवं 69 बच्चों की मुलाकात कराई गई, जो पूर्णतः शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही।
मुलाकात के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। सभी आगंतुकों की प्रवेश से पूर्व सुरक्षा जांच, पहचान सत्यापन और स्वास्थ्य जांच की गई।

जेल अधीक्षक के साथ निरीक्षक रोहित सिंह राजपूत, एएसआई प्रीतम सिंह, कोतवाली दमोह से एएसआई साहब सिंह सहित जेल कर्मियों और पुलिस बल ने पूरे कार्यक्रम के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई।

*मानवीय पहल से मिली खुशी*

भाई-दूज जैसे पवित्र पर्व पर जिला जेल प्रशासन की यह पहल बंदियों और उनके परिवारों के लिए मानवीय संवेदना का सुंदर उदाहरण बनी।

बंदी भाइयों ने कहा कि “भले ही वे जेल की दीवारों के भीतर हैं, पर इस मुलाकात ने उन्हें अपने परिवार की गर्मजोशी और प्यार का अहसास कराया।”

वहीं, बहनों ने जिला प्रशासन और जेल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “ऐसे अवसर पर अपने भाइयों से मिलने की अनुमति मिलना हमारे लिए दीपावली से कम खुशी नहीं।”

*सुरक्षा और संस्कार साथ-साथ*

पूरे कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर में सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि धार्मिक भावनाओं के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का भी पूर्ण पालन हो।

जेल परिसर में स्वच्छता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया, वहीं स्टाफ द्वारा सभी बंदियों और आगंतुकों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की गई।

इस प्रकार भाई-दूज के अवसर पर जिला जेल दमोह में आयोजित यह विशेष मुलाकात न केवल बंदियों और उनके परिजनों के लिए भावनात्मक पल लेकर आई, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी बनी कि सुधारगृहों में भी मानवता और पारिवारिक मूल्यों की लौ प्रज्वलित रहती है।

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