—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
आजीविका मिशन में 20 लाख का गबन — अधिकारी, पत्नी और बैंककर्मियों समेत 15 पर FIR दर्ज
दमोह (मध्य प्रदेश):
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत दी जाने वाली सरकारी राशि में दमोह जिले में बड़े गबन का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत पटेरा में पदस्थ एक प्रभारी अधिकारी पर आरोप है कि उसने स्वसहायता समूहों के फंड से करीब 20 लाख रुपये अपनी पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। इस मामले में जिला पंचायत की शिकायत पर अधिकारी, उसकी पत्नी, बैंककर्मियों और समूह पदाधिकारियों सहित कुल 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा
जिला पंचायत दमोह के जिला परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, 16 अक्टूबर को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि विकासखंड हटा के चार स्वसहायता समूहों के लोन खातों से लगभग 20 लाख रुपये की राशि नियमों के विरुद्ध तरीके से निकाली गई।
यह रकम ग्राम रनेह स्थित पारस, संत, जय मां काली और कंगना स्वसहायता समूहों के खातों से निकालकर ग्राम मोहसरा (पटेरा) के केजीएन स्वसहायता समूह के खाते में स्थानांतरित की गई।
पत्नी के खाते में पहुंची सरकारी राशि
जांच में सामने आया कि केजीएन समूह के खाते में रकम पहुंचते ही उसे जनपद पंचायत पटेरा के प्रभारी विकासखंड प्रबंधक नजीब अहमद खान की पत्नी शायका खान के व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद यह रकम एक अज्ञात खाते में भेज दी गई, जिससे सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई।
जांच समिति ने की पुष्टि
घोटाले की पुष्टि जिला पंचायत दमोह द्वारा गठित जांच समिति ने की। इस समिति में
शैलेन्द्र श्रीवास्तव (जिला परियोजना प्रबंधक)
प्रभुशंकर पांडे
जितेन्द्र नेमा
शामिल थे। समिति ने रिपोर्ट में पूरी प्रक्रिया को नियम विरुद्ध और जानबूझकर किया गया फंड ट्रांसफर बताया।
15 आरोपी बनाए गए
पुलिस ने प्रारंभिक जांच और जिला पंचायत की रिपोर्ट के आधार पर 15 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें शामिल हैं:
1. नजीब अहमद खान – प्रभारी विकासखंड प्रबंधक, पटेरा
2. शायका खान – नजीब खान की पत्नी
3. संदीप सिंह – प्रभारी विकासखंड प्रबंधक, हटा
4. संबंधित स्वसहायता समूहों के अध्यक्ष और सचिव
5. भारतीय स्टेट बैंक शाखा पटेरा के तत्कालीन प्रबंधक
6. मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा रनेह के तत्कालीन प्रबंधक
7. अन्य संबंधित बैंककर्मी और समूह सदस्य
इन धाराओं में मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं —
420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 409 (शासकीय सेवक द्वारा विश्वासघात) और 34 (सामूहिक अपराध) — के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
प्राथमिक जांच के बाद केस की आगे की विवेचना थाना रनेह पुलिस को सौंप दी गई है।











































