जबलपुर के शिवनगर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हो रहा है, जहाँ धर्म की गंगा बह रही है।
वृंदावन से आए कथा व्यास पंडित घनश्याम मिश्रा जी महाराज ने भागवत कथा के तृतीय दिवस पर मनु महाराज की बेटी देवहुति और ब्रह्मा जी के छाया से उत्पन्न कर्दम जी के विवाह का सुंदर वर्णन किया।
कथा के अनुसार, देवहुति और कर्दम मुनि के विवाह से नौ कन्याएँ हुईं, और दसवीं संतान के रूप में स्वयं भगवान कपिल देव ने अवतार लिया। भगवान कपिल देव के जन्म लेते ही, कर्दम मुनि अपने वचन का पालन करते हुए पुनः तपस्या के लिए वन को निकल गए।
इसके बाद, माता देवहुति ने अपने पुत्र भगवान कपिल देव को स्नान आदि करवाकर उनसे मनुष्य की भोग-वासनाओं से मुक्ति और आत्मा-शरीर के सत्य के विषय में जानने के लिए प्रश्न किए। यह कथा माँ-पुत्र के अद्भुत संवाद, जिसे कपिल-देवहुति संवाद के नाम से जाना जाता है, का आरंभ है, जिसमें भगवान कपिल देव अपनी माता को सांख्य दर्शन का उपदेश देते हैं, जो ज्ञान और वैराग्य के मार्ग से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
इस कथा का आयोजन शिव शक्ति महिला मंडल के द्वारा करवाया जा रहा है, और जिले के स्रोता गण इस धर्म गंगा में गोता लगा रहे हैं।








































