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कुल्हाड़ी मारकर अधेड़ की हत्या: खेत के ठेके को लेकर बढ़े विवाद ने ली जान

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

कुल्हाड़ी मारकर अधेड़ की हत्या: खेत के ठेके को लेकर बढ़े विवाद ने ली जान

दमोह जिले के जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र में वारदात, पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की

दमोह।
दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत जबलपुर नाका चौकी बालाकोट मार्ग स्थित महर्षि स्कूल के पीछे के खेतों में मंगलवार देर शाम एक अधेड़ व्यक्ति की कुल्हाड़ी से हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान मुकेश यादव (52 वर्ष) पिता रामप्रसाद यादव, निवासी खंडूजा क्रेशर, बालाकोट मार्ग, दमोह के रूप में हुई है।

मुकेश यादव अपने खेतों में खेती का कार्य करते थे और हाल ही में उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति के साथ ठेके पर जमीन लेकर खेती शुरू की थी। बताया जा रहा है कि खेती की हिस्सेदारी और पैदावार को लेकर विवाद चल रहा था, जो मंगलवार को अचानक हिंसक रूप ले बैठा।

मंगलवार की दोपहर मुकेश यादव हमेशा की तरह खेत पर काम करने गए थे। शाम तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को शंका हुई। बाद में ग्रामीणों ने महर्षि स्कूल के पीछे खेतों में बने मकान और पास के नीम के पेड़ के नीचे मुकेश यादव का खून से लथपथ शव देखा।

सूचना मिलते ही जबलपुर नाका चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुल्हाड़ी से कई वार किए गए थे, जिससे मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी एच.आर. पांडे, चौकी प्रभारी प्रशीता कुर्मी, एएसआई अभय सिंह, प्रधान आरक्षक सचिन, आरक्षक रुपेश और हेमराज सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस ने मौका पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

घटनास्थल से रक्तरंजित कुल्हाड़ी, कपड़ों के टुकड़े और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि हत्या में उपयोग किया गया हथियार पास के खेत में फेंका गया था, जिसे बरामद कर लिया गया है।

सी एस पी एच आर पांडे ने बताया कि

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मुकेश यादव ने कुछ जमीन ठेके पर लेकर खेती करना शुरू किया था। इसी जमीन को लेकर उनके साझेदार (पार्टनर) के साथ पिछले कुछ दिनों से झगड़ा चल रहा था।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार को दोनों के बीच खेत की सीमाओं और मुनाफे के बंटवारे को लेकर बहस हुई, जो बाद में मारपीट और हत्या में बदल गई।

दमोह में लगातार बढ़ रहे हैं अपराध

यह घटना दमोह में तीन दिनों के भीतर दूसरी हत्या है। इससे पहले भी जिले के अन्य क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई थी।

लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों और आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है, आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।”

मृतक मुकेश यादव का परिवार इस घटना से सदमे में है। ग्रामीणों का कहना है कि मुकेश स्वभाव से शांत और मेहनती व्यक्ति थे।
घटना के बाद सैकड़ों लोग उनके घर के बाहर एकत्र हुए और पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

दमोह जिले की यह वारदात न केवल कृषि विवादों में बढ़ते हिंसक रुझान की ओर संकेत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में साझेदारी आधारित खेती के विवाद अक्सर घातक रूप ले सकते हैं।

पुलिस के लिए अब यह चुनौती है कि वह आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश करे, ताकि क्षेत्र में फैले भय और अविश्वास का माहौल खत्म हो सके।

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