—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
**जगथर माध्यमिक शाला जिले में अब्बल, ग्रामीण क्षेत्र से चमका शिक्षा का सितारा
रिपोर्टर: जिनेश जैन, दमोह**
दमोह। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर जब पूरा जिला निरंतर सुधार की दिशा में प्रयासरत है, ठीक उसी समय जनपद शिक्षा केंद्र पथरिया के अंतर्गत आने वाली माध्यमिक शाला जगथर ने अपने सराहनीय प्रदर्शन से पूरे जिले में अलग पहचान बनाई है। नवीन शैक्षणिक वर्ष के मूल्यांकन में विद्यालय ने जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि संसाधनों की कमी भी इच्छाशक्ति और समर्पण के आगे कोई मायने नहीं रखती।
शिक्षिका अर्चना चौधरी का समर्पण बना विद्यालय की सफलता की धुरी
विद्यालय की इस उपलब्धि के केंद्र में हैं शिक्षिका अर्चना चौधरी, जिनके अथक परिश्रम, नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षण पद्धति में नवाचार तथा विद्यार्थियों के प्रति अपनापन ने जगथर विद्यालय को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया।
अर्चना चौधरी द्वारा—
कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने,
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएँ संचालित करने,
बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने,
नियमित अभिभावक–शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित करने,
और प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण पर जोर देने
जैसी पहलें विद्यालय के समग्र परिणामों में प्रभावी साबित हुईं।
ग्रामीण क्षेत्र में सीमित संसाधनों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन
जगथर विद्यालय भौगोलिक रूप से ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है, जहाँ अक्सर शैक्षणिक संसाधन सीमित होते हैं। इसके बावजूद—
विद्यालय में निरंतर उपस्थिति दर में वृद्धि,
परीक्षा परिणामों में सुधार,
विद्यालय में स्वच्छता एवं अनुशासन व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण,
और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रियता
ने इसे जिले का आदर्श विद्यालय बना दिया है।
विद्यालय बना प्रेरणा का केंद्र
जिले के कई अन्य विद्यालय अब जगथर माध्यमिक शाला के मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि जगथर विद्यालय की कार्यशैली, शिक्षण वातावरण और बच्चों में दिखाई देने वाला आत्मविश्वास अन्य स्कूलों को भी नया दृष्टिकोण प्रदान करता है।
अभिभावकों का बढ़ा विश्वास
विद्यालय के उत्कृष्ट परिणाम देखने के बाद अभिभावकों में भी उत्साह देखा जा रहा है। कई परिवारों ने स्वीकार किया कि शिक्षिका अर्चना चौधरी जैसे समर्पित शिक्षकों के कारण उनके बच्चों में—
पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है,
सीखने की क्षमता में सुधार हुआ है,
और कक्षा में सक्रिय भागीदारी में वृद्धि हुई है।
शिक्षा विभाग ने की सराहना
जनपद शिक्षा केंद्र पथरिया के अधिकारियों ने विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर इस प्रकार का प्रदर्शन जिला शिक्षा व्यवस्था के लिए गर्व का विषय है। विभाग द्वारा विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी विचार किया जा रहा है।







