—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*सर्व ब्राह्मण समाज दमोह ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन*
*भोपाल में अधिकारी के विवादित बयान का विरोध, की गई कठोर कार्रवाई की मांग*

दमोह, 28 नवंबर 2025।
सर्व ब्राह्मण समाज दमोह (मध्य प्रदेश) द्वारा माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन 23 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित जनजाति प्रांतीय अधिवेशन के दौरान वरिष्ठ अधिकारी श्री संतोष कुमार वर्मा द्वारा सर्व ब्राह्मण समाज के संबंध में दिए गए कथित अपमानजनक बयान पर आधारित है।
ज्ञापन का विषय
ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवेशन के मंच से श्री वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज एवं उसकी बेटियों को लेकर अभद्र, आपत्तिजनक और दंडनीय टिप्पणी की गई, जिसने पूरे समाज का अपमान किया है।
ज्ञापन में उल्लिखित मुख्य बिंदु
1. अपमानजनक टिप्पणी
23 नवंबर 2025 को भोपाल में श्री संतोष कुमार वर्मा (जनजाति एवं किसान कल्याण विभाग तथा अध्यक्ष—वन विकास निगम) ने सार्वजनिक मंच से ब्राह्मण समाज को लेकर अत्यंत अलोकतांत्रिक व आपत्तिजनक कथन किया।
2. कथन का उदाहरण
ज्ञापन में उल्लेख है कि उन्होंने कथित रूप से कहा—
“जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे या उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।”
समाज ने इसे उसकी गरिमा और सम्मान पर सीधा प्रहार बताया है।
3. सामाजिक वैमनस्य का आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि यह वक्तव्य न केवल ब्राह्मण समाज का अपमान है, बल्कि यह समाज में जातीय वैमनस्य, विभाजन और असंतोष फैलाने वाला है।
4. सेवा नियमों का उल्लंघन
ज्ञापन के अनुसार यह टिप्पणी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी द्वारा
अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968
नियम 3(1)
नियम 3(2)(क), (ख), (ग), (घ)
तथा
अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969
के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आती है।
5. समाज में आक्रोश
घटना से समस्त ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है और समाज ने स्वयं को अपमानित, उपेक्षित और आहत बताया है।
ज्ञापन में की गई प्रमुख माँगें
1. तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई
श्री संतोष कुमार वर्मा के विरुद्ध
अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 की नियम 10(1)(A)
के अंतर्गत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाए।
2. FIR एवं दंडात्मक प्रकरण दर्ज
जातीय वैमनस्य फैलाने, अपमानजनक टिप्पणी करने और संवैधानिक मर्यादा भंग करने के आरोप में उनके विरुद्ध FIR दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
3. भविष्य में रोक हेतु निर्देश
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश, आचार संहिता और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन के अंत में समाज ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय से आग्रह किया है कि इस प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए शीघ्र, विधिसम्मत एवं कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि समाज में शांति, कानून-व्यवस्था और विश्वास बना रहे।







