—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
**कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय टौरी का उत्कृष्ट प्रदर्शन**
**सुश्री यशवंती मोहवे बनीं मिसाल, डीपीसी एम.के. द्विवेदी की मेहनत ला रही रंग**

जिनेश जैन की रिपोर्ट दमोह
दमोह जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में जब भी अनुशासन, स्वच्छता, सुरक्षा और शैक्षणिक प्रगति की चर्चा होती है, तो टौरी विद्यालय का नाम सबसे ऊपर आता है। यहाँ की अधीक्षका सुश्री यशवंती मोहवे ने अपने समर्पण, अनुशासनप्रियता और 24 घंटे उपलब्ध रहने की नीति से एक मिसाल कायम की है। वह जिले की पहली ऐसी वार्डन हैं जो पूर्ण समय विद्यालय परिसर में रहकर बालिकाओं की हर जरूरत, सुरक्षा और मार्गदर्शन का स्वयं ध्यान रखती हैं।
टौरी विद्यालय—अनुशासन और प्रगति का केंद्र
पूरे सागर संभाग में कस्तूरबा विद्यालय टौरी की चर्चा उसके सुव्यवस्थित संचालन, स्वच्छ परिसर और बालिकाओं के उत्कृष्ट अनुशासन के कारण बढ़ी है।
पिछले दो वर्षों में विद्यालय की स्थिति में आया भारी सुधार किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि टीम वर्क, सतत निगरानी और कठोर अनुशासन व्यवस्था की देन है।
इस बदलाव की कमान अधीक्षका सुश्री मोहवे के हाथों में रही, जिन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को अपनी निजी जिम्मेदारी मानकर कार्य किया।
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डीपीसी एम.के. द्विवेदी—परिवर्तन के प्रमुख सूत्रधार
जिले के जिला प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (DPC) एम.के. द्विवेदी लगातार जिले के आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण करते रहे।
उन्होंने वार्डनों को शासन की गाइडलाइन के अनुरूप कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए, साथ ही हर विद्यालय में—
सुरक्षा व्यवस्था
छात्रावास संचालन
अनुशासन
स्वच्छता
समयानुसार गतिविधियाँ
शैक्षणिक प्रगति
जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कराया।
उनके सक्रिय निरीक्षण एवं मार्गदर्शन का परिणाम आज जिले के अधिकांश कस्तूरबा विद्यालयों में साफ दिखाई देता है।
टौरी विद्यालय इसका सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है, जहाँ हर स्तर पर उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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डीपीसी श्री द्विवेदी ने की प्रशंसा
सुश्री मोहवे की कार्यशैली से प्रभावित डीपीसी एम.के. द्विवेदी ने कहा—
> “सुश्री मोहवे अत्यंत सराहनीय कार्य कर रही हैं। वह पूर्ण समय मुख्यालय पर रहते हुए बालिकाओं की सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। वे दमोह में ऐसी पहली वार्डन हैं जिन्होंने अपनी ड्यूटी को एक मिशन की तरह अपनाया है।”
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सुश्री मोहवे का समर्पित भाव
बालिका विद्यालय की अधीक्षका सुश्री मोहवे ने बताया—
> “मेरे लिए बालिकाएँ परिवार का हिस्सा हैं। वे अधिकतर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं और मेरा ध्येय है कि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें। उनकी सुरक्षा, शिक्षा और अनुशासन मेरी पहली जिम्मेदारी है और इसके लिए मैं 24 घंटे उपस्थित रहती हूँ।”
उनका मानना है कि जब तक अधीक्षक स्वयं परिसर में रहकर हर गतिविधि की निगरानी नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक सुधार संभव नहीं है।
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मुख्य उद्देश्य—ग्रामीण बालिकाओं का उज्ज्वल भविष्य
कस्तूरबा विद्यालय टौरी की टीम का मुख्य लक्ष्य है—
ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना
सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराना
उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और शिक्षित बनाना
इस लक्ष्य को पाने में सुश्री मोहवे और डीपीसी एम.के. द्विवेदी का संयुक्त प्रयास टौरी विद्यालय को जिले ही नहीं, संभाग स्तर पर भी एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है।
एमपी अपडेट के सभी साथी आपके और आपके छात्रावास के समस्त बच्चियों के उजाल भविष्य की कामना करते हैं







