—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*चौकी प्रभारी बने शिक्षक – दे रहे शिक्षा का अनोखा संदेश*
*फुटेरा चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार का सराहनीय प्रयास, गाँव के बच्चों में जगाई शिक्षा की नई आशा*
दमोह/फुटेरा पुलिस चौकी इन दिनों एक ऐसी पहल के लिए चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसने न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र में मानवीय सेवा और जिम्मेदारी का अद्भुत उदाहरण पेश किया है।
चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए गाँव में घूमने वाले असंगठित, अशिक्षित और गरीब परिवारों के छोटे-छोटे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का बीड़ा उठाया है।
**बच्चों को चौकी में एकत्र कर शुरू की शिक्षा**
कुछ समय पहले चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार ने देखा कि कई बच्चे दिनभर इधर-उधर घूमते रहते हैं, जिनके माता-पिता भी उन्हें पढ़ाई की दिशा में मार्गदर्शन नहीं दे पाते। यही से उनके मन में एक सकारात्मक विचार अंकुरित हुआ और उन्होंने चौकी परिसर में ही बच्चों को इकट्ठा कर पढ़ाना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे बच्चे नियमित रूप से चौकी पहुँचने लगे और उनमें पढ़ाई के प्रति अद्भुत रुचि तथा उत्साह देखने को मिला।
**प्रशासन ने भी की सराहना**
जब इस मानवीय पहल की जानकारी मीडिया के माध्यम से बाहर आई, तो जिला प्रशासन ने भी इसे अत्यंत प्रेरक बताया।
जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इसे “समाज के प्रति पुलिस की जिम्मेदारी का वास्तविक उदाहरण” बताया।
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा 
ने इसे “ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कदम” कहते हुए आनंद अहिरवार की कार्यशैली की सराहना की।
**एमपी अपडेट न्यूज़ टीम ने लिया ज़मीनी जायज़ा**
आज जब एमपी अपडेट न्यूज़ की टीम फुटेरा चौकी पहुँची, तो वहाँ का माहौल देखकर मन आनंदित हो उठा।
चौकी प्रभारी स्वयं बच्चों को बेहद स्नेह और धैर्य के साथ पढ़ाते नजर आए। छोटे-छोटे बच्चे ध्यान लगाकर अक्षर, शब्द, गणित और सामान्य ज्ञान सीखते दिखाई दिए।
यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि एक छोटी सी शुरुआत अब एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का रूप ले रही है।
सिर्फ पढ़ाई नहीं, बच्चों की जरूरतों का भी रखा ध्यान
आनंद अहिरवार ने यह जिम्मेदारी केवल शिक्षण तक सीमित नहीं रखी।
उन्होंने बच्चों के लिए अपनी व्यक्तिगत आय से—
स्कूल ड्रेस,किताबें,कॉपी,पेन-पेंसिल,
तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री
भी उपलब्ध कराई।
आपको बता दें की चौकी प्रभारी ने बच्चों को खेलने के लिए बैडमिंटन क्रिकेट फुटबॉल भी उपलब्ध कराई है
इसके कारण बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पहले से अधिक उत्साह के साथ पढ़ाई में हिस्सा ले रहे हैं।
*कुछ बच्चों का विद्यालय में प्रवेश भी कराया गया*
*आपको बता दें कि योगी प्रभारी को पढ़ने वाले बच्चे सर संबोधित करते नजर आए*
इस पहल का सबसे सकारात्मक परिणाम यह रहा कि चौकी में पढ़ने वाले कुछ बच्चों को आसपास के शासकीय स्कूलों में औपचारिक रूप से प्रवेश दिलाया गया है।
जो बच्चे फिलहाल चौकी में ही पढ़ रहे हैं, उन्हें भी जल्द ही स्कूलों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। यह प्रयास उन बच्चों के जीवन में बड़ी बदलाव की शुरुआत साबित हो रहा है, जो अब तक शिक्षा से वंचित थे।
समाज के लिए प्रेरणा
चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार द्वारा किए जा रहे ये प्रयास न केवल प्रशंसनीय हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरक मिसाल भी हैं।
एक पुलिस अधिकारी का यह मानवीय रूप दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो तो प्रशासनिक व्यवस्था समाज में गहरा सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
*एमपी अपडेट न्यूज़ टीम की ओर से चौकी प्रभारी आनंद अहिरवार को साधुवाद और शुभकामनाएँ—*
जिन्होंने अपने कर्म, समर्पण और सेवा भावना से शिक्षा की यह पवित्र ज्योति प्रज्वलित की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह रोशन की।











