—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
अंधे हत्याकांड का जबेरा पुलिस ने किया खुलासा, उर्फ चुन्नू रैकवार गिरफ्तार
दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र में हुए एक किसान की हत्या के रहस्य से आखिरकार पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। कई दिनों से उलझे इस अंधे हत्याकांड (Blind Murder) को पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पूछताछ के आधार पर सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कुछ दिन पहले ग्राम जबेरा अंतर्गत एक किसान का शव उसकी झोंपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतक की पहचान बेनी कंदोरे के रूप में हुई। प्रारंभिक तौर पर हत्या का कोई सीधा सुराग नहीं मिल रहा था, जिससे यह मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
जबेरा थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस ने टीम गठित की, जिसमें चौकी प्रभारी, अनुभवी आरक्षक और साइबर सेल की टीम शामिल रही।
लगातार साक्ष्य जुटाने, तकनीकी निगरानी और गांव में की गई पूछताछ के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने 6 दिसंबर को उर्फ चुन्नू रैकवार (निवासी देवरा पूरना) को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकारते हुए बताया कि—
14 नवंबर की शाम लगभग 5 बजे मृतक बेनी और आरोपी चुन्नू रैकवार के बीच
सिंचाई के लिए खेत में पानी चलाने को लेकर विवाद हुआ था।
रात 10:30 बजे आरोपी अपने खेत की ओर जा रहा था, तभी बेनी कंदोरे उससे टपरिया के पास मिला और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा।
गुस्से में आकर चुन्नू रैकवार ने अपने हाथ में लिए लोहे के हंसिया से बेनी की गर्दन पर हमला कर दिया।
वार गंभीर होने से बेनी कंदोरे की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हत्याकांड को छिपाने के लिए आरोपी ने प्रयुक्त हंसिया तालाब में फेंककर छुपा दिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस पूरे खुलासे में निम्न अधिकारियों व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही:
थाना प्रभारी विकास सिंह चौहान चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक गणेश दुबे प्रधान आरक्षक देवेंद्र रैकवार आरक्षक सतीश नामदेव, कटारे, वीरेंद्र वाडकर साइबर सेल टीम
इनकी संयुक्त कार्रवाई से एक जटिल अंधे हत्याकांड का सफल खुलासा संभव हो पाया।













































