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*IAS संतोष वर्मा के समर्थन में SC-ST-OBC संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन, ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर सौंपा ज्ञापन*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*IAS संतोष वर्मा के समर्थन में SC-ST-OBC संगठनों का संयुक्त प्रदर्शन, ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर सौंपा ज्ञापन*

दमोह/ग्वालियर IAS अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की गई कथित विधिविरुद्ध कार्रवाई के विरोध में सोमवार को SC, ST एवं OBC संगठनों ने संयुक्त रूप से ग्वालियर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर जातिवादी मानसिकता से प्रेरित होकर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए संतोष वर्मा के निलंबन/पदमुक्ति को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि IAS संतोष वर्मा ने समाज में समानता स्थापित करने के उद्देश्य से “रोटी-बेटी के व्यवहार” जैसे सामाजिक समरसता के विचार रखे थे। कुछ लोगों की आपत्ति के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली थी, इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा उन्हें पद से हटाना एवं केंद्र सरकार को पत्राचार करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और संविधान विरोधी है।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश सरकार लगातार SC, ST और OBC वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने का कार्य कर रही है। चाहे वह OBC आरक्षण का मामला हो, ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का विवाद हो, जातीय जनगणना का मुद्दा हो या अब आदिवासी वर्ग से आने वाले IAS संतोष वर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई—ये सभी सरकार की मानसिकता को उजागर करते हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब प्रदेश में आदिवासी और पिछड़े वर्ग की आबादी सबसे अधिक है, तब ऐसे अधिकारी के साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

**प्रमुख मांगें ज्ञापन के माध्यम से शासन को सौंपी**

प्रदर्शन के बाद संगठनों ने राज्यपाल/मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निम्न प्रमुख मांगें रखीं—

1. अजाक्स (AJAKS) पानाध्यक्ष श्रीमती (15) को उनकी पूर्व स्थिति में यथावत रखा जाए एवं उनके विरुद्ध की जा रही किसी भी कार्रवाई को रोका जाए।

2. मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 की लंबित पदों (50/51/0 कैडर) पर शीघ्र भर्ती की जाए।

3. प्रमोशन में आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

4. प्रदेश में 27% OBC आरक्षण में लगाए गए 13% होल्ड को हटाकर जातीय जनगणना के आधार पर जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू किया जाए।

5. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में पाँचवीं अनुसूची का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए।

6. IAS संतोष वर्मा को दी जा रही धमकियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए।

7. पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा SC/ST/OBC वर्ग के प्रति की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

8. संविधान एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान करने वाले अनिल मिश्रा जैसे व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की जाए।

9. प्रदेश में सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु ठोस, निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

10. माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा आयोजित सिविल जज (एंट्री लेवल) परीक्षा-2022 के परिणामों में आरक्षण वर्गों के साथ हुई कथित गंभीर असमानता की न्यायिक जांच कराई जाए।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में SC, ST एवं OBC अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है, जिससे इसकी निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

इस संयुक्त प्रदर्शन में मुख्य रूप से एड. विश्वजीत रतौनिया, के.बी. दोहरे, नरेंद्र चौधरी, पी.सी. जाटव, एड. राय सिंह, मकरंद बौद्ध, शैलेंद्र कदम, राजेश महोबिया, शंकरलाल, अतर सिंह, विजय पिपरोलिया, मूलचंद प्रजापति, आशीष राय, सतीश राय, खेमराज नेक, रामसेवक खन्ना, रवि कटोरिया, रंजन बाजोरिया, स्वतंत्र पाराशर, भूपेंद्र कुशवाह सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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