—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, टौरी (दमोह) ने रचा प्रदेश में कीर्तिमान, बालिका शिक्षा के क्षेत्र में बना मिसाल*
दमोह। जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, टौरी ने शैक्षणिक सत्र के दौरान आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे दमोह जिले के लिए गर्व का विषय बनी हुई है।
विद्यालय की इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय विद्यालय की वार्डन सुश्री यशवंती मोहवे को दिया जा रहा है, जिनकी सतत निगरानी, अनुशासित कार्यशैली और समर्पित नेतृत्व में छात्राओं ने हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं ने पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद, व्यक्तित्व विकास एवं अनुशासन में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।
**24 घंटे की जिम्मेदारी, स्वयं निभा रहीं वार्डन**
उल्लेखनीय है कि दमोह जिले में यह एकमात्र कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय है, जहाँ 24 घंटे छात्राओं के निवास, सुरक्षा, भोजन, अध्ययन एवं समग्र देखरेख की जिम्मेदारी वार्डन स्वयं निभा रही हैं। आवासीय विद्यालय में छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण, नियमित अध्ययन, अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विद्यालय की इस सफलता पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) श्री एम.के. द्विवेदी ने विद्यालय पहुंचकर वार्डन सुश्री यशवंती मोहवे एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “सुश्री यशवंती मोहवे की कार्यशैली, प्रतिबद्धता और नेतृत्व अन्य कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस तरह का समर्पण ही बालिका शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाता है।
विद्यालय की इस उपलब्धि ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और समर्पण हो, तो ग्रामीण अंचलों की बालिकाएं भी प्रदेश और राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। यह विद्यालय आज बालिका शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।
सूत्रों के अनुसार, विगत दिनों विद्यालय से संबंधित एक घटना को लेकर निष्पक्ष एवं सूक्ष्म जांच की आवश्यकता बताई जा रही है। संबंधित पक्षों का मानना है कि तथ्यों की गहन जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और सभी भ्रम दूर हो सकेंगे। प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
कुल मिलाकर, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, टौरी की यह सफलता बालिका शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे दमोह जिले के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।
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