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*सागर ने बोतराई को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*सागर ने बोतराई को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराया*

*स्व. जी.पी. चौबे एवं स्व. यश अग्रवाल स्मृति संभागीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भव्य समापन*


दमोह/हिंडोरिया। स्थानीय बगिया मैदान में फ्रेंड्स क्लब के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्वर्गीय जी.पी. चौबे एवं स्वर्गीय यश अग्रवाल स्मृति संभागीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का गुरुवार देर रात्रि कड़ाके की ठंड के बीच सफल समापन हुआ।

पुरुष वर्ग के फाइनल मुकाबले में टी.आई. 108 बटालियन सागर की सशक्त टीम ने जी.एस. बोतराई की टीम को पांच सेटों के मुकाबले में 3-0 से एकतरफा शिकस्त देकर खिताब अपने नाम किया। सागर टीम के खिलाड़ियों ने शुरू से अंत तक शानदार समन्वय, दमदार सर्विस और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, जिससे बोतराई की टीम दबाव में नजर आई।

वहीं बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में पथरिया की टीम ने रोमांचक संघर्ष के बाद दमोह की टीम को 2-1 से पराजित कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

फाइनल मुकाबले के अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष हेमेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी हाजी शमसुद्दीन खान पहलवान, थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय, आजम खान (दमोह), भागवल पटेल, संतोष गौतम सहित अन्य गणमान्यजन शामिल हुए।

पुरस्कार वितरण

आयोजक सुधांशु चौबे एवं फ्रेंड्स क्लब के कोच रूपचंद उर्फ निप्पी चौरसिया ने जानकारी दी कि यह प्रतियोगिता लगातार आठवें वर्ष आयोजित की गई, जिसमें

पुरुष वर्ग की 18 टीमें

बालिका वर्ग की 4 टीमें शामिल हुईं।

विजेता टीम को ₹10,000 नकद, ट्रॉफी एवं मेडल, जबकि उपविजेता टीम को ₹5,000 नकद, ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान किए गए। साथ ही अन्य आकर्षक पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

अतिथियों के विचार

मुख्य अतिथि हेमेन्द्र सिंह ने कहा कि “हार और जीत खेल के दो पहलू हैं, खिलाड़ियों को हार से निराश नहीं होना चाहिए। निरंतर प्रयास से हार को जीत में बदला जा सकता है।”

आयोजक सुधांशु चौबे ने कहा कि “खेल मानव जीवन में अनुशासन, स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तता का आधार हैं।

खेल तनाव को दूर कर जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं।

आजम खान ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “खेल हमें हार-जीत को समान भाव से स्वीकार करना और असफलता से सीख लेना सिखाते हैं।”

पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी शमसुद्दीन पहलवान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “खेल से व्यक्ति में अनुशासन, आज्ञाकारिता और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

रेफरी, कमेंट्री एवं सराहना

फाइनल मैच में रेफरी की भूमिका मुन्नालाल कारपेंटर एवं दिलावर सिंह, शैलेन्द्र सोनी ने निभाई।

कमेंट्री दिलीप जोशी, सुजात खान, संदीप जोशी, शिवानी पटेल द्वारा की गई, जबकि स्कोरिंग चतुर्भुज चौरसिया एवं दिव्यांश तिवारी ने संभाली।

सागर टीम के तेजपाल सिंह (सैनिक), महाजन, हिमांशु, अक्षय सहित खिलाड़ियों के उत्कृष्ट खेल की दर्शकों ने जमकर सराहना की।

आभार प्रदर्शन

अंत में अक्षय चौबे ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, दर्शकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सुनील सेलट, बद्री चौरसिया, आलोक, उमेश ताम्रकार, मुरलीधर, धर्मेन्द्र चौरसिया, नाथूराम जोशी, संस्कार तिवारी, कार्तिक चौरसिया, धनंजय यादव, राज वर्मा, राकेश अकेला सहित फ्रेंड्स क्लब के सभी सदस्य एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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