—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*GIS सर्वे के नाम पर बड़ा खेल!*

*बिना GIS किसानों के खेतों में लगाए गए ट्रांसफार्मर, अवैध वसूली के गंभीर आरोप**

*खबर प्रकाशित होने पर अधिकारीयों ने कहा कार्रवाई करवाएंगे जांच जारी*

आपको बता दें संबंधित अधिकारी जांच करवाएंगे जांच के नाम पर लीपापोती हो जाएगी*

*जिले में 200 से अधिक ट्रांसफार्मर जांच के घेरे में, कई गांवों तक फैला मामला*

दमोह। जिले में विद्युत विभाग से जुड़े GIS सर्वे कार्य के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। किसानों के खेतों में बिना सर्वे, बिना GIS और बिना तकनीकी स्वीकृति के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे मामले ने विद्युत विभाग, ठेका कंपनी और दलालों की कथित मिलीभगत को उजागर कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, जिन किसानों ने कथित रूप से पैसे दिए, उन्हीं के खेतों में प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफार्मर लगाए गए, जबकि जिन्होंने भुगतान नहीं किया, उनके आवेदन महीनों तक जानबूझकर लंबित रखे गए।

*GM कंपनी और विद्युत अधिकारियों पर संरक्षण देने के आरोप*

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला GM कंपनी से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के कथित संरक्षण में संचालित हुआ। आरोप है कि कंपनी के जनरल मैनेजर प्रदीप सिंह के निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।

प्रदीप सिंह की बहुत बड़ी भूमिका इसमें जताई जा रही है अगर अमित डेहरिया से पूछताछ की जाए तो मामला खुलकर सामने आ सकता है

इतना ही नहीं, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPEB) के कुछ जेई एवं उच्चाधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो इस पूरे प्रकरण को अनदेखा करते रहे या परोक्ष रूप से सहयोग करते रहे।

*संबंधित JE की भूमिका प्रदीप सिंह ही बता सकता है*

*छोटू सिंह लोधी पर किसानों से लाखों की अवैध वसूली का आरोप*

किसानों ने बताया कि छोटू सिंह लोधी नामक व्यक्ति ने ट्रांसफार्मर लगवाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये की अवैध वसूली की।

किसानों का आरोप है कि यह राशि केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों तक भी पहुंचाई गई।

कई किसानों ने यह भी स्वीकार किया कि यदि पैसे नहीं दिए जाते थे तो फाइल आगे नहीं बढ़ती थी और जानबूझकर तकनीकी आपत्तियां लगाकर आवेदन रोके जाते थे।

*स्टार डेल्टा कंपनी के इंजीनियर अमित डेहरिया भी जांच के घेरे में*

इस मामले में स्टार डेल्टा कंपनी के इंजीनियर अमित डेहरिया की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मेन सरगना अमित डेहरिया बताया गया है जो केंद्र सरकार की निःशुल्क योजनाओं को लेकर लाखों रुपए की रकम अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों से लूटी जा रही है l

किसानों का यह कहना है जो भी संलिप्त अधिकारी कर्मचारी इसमें शामिल है हमारे पैसे वापस लौट आए जाए और ऐसे संबंधित कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए एमपी अपडेट न्यूज़ टीम किसानों के साथ में है l

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित डेहरिया ने भी हमारी न्यूज़ टीम पर आरोप लगाया है आपको बता दें अमित डेहरिया आप हमें सिद्ध करने में लगे हैं अपने गिरवान में झांके आप को बता दें कि सांच को आंच नहीं अमित डेहरिया आप अपने आप को सिद्ध करें तो हम जाने l

*कहावत है कि सो सुनार की एक लुहार की*

आखिर ऐसे प्राइवेट कर्मचारी कैसे कर लेते हैं लाखों करोड़ों का सौदा वह भी देश के पालनहार किसानों के साथ अमित डेहरिया शायद अब आपको सलाहों के पीछे जाना पड़ेगा l

*गज़ब अमित डेहरिया आपका कारनामा*

सूत्रों का कहना है कि GIS के नाम से अथवा mpeb के कर्मचारियों के नाम से या उनसे जुड़े अधिकारीयों के नाम से GIS सर्वे और ट्रांसफार्मर स्थापना कार्य कराया गया, जिसकी वैधता और प्रक्रिया अब जांच के दायरे में है।

*किसानों में भय का माहौल, कैमरे के सामने आने से कतरा रहे*

जब एमपी अपडेट न्यूज़ और जनजागरण संदेश न्यूज़ की टीम ने किसानों से बात की, तो कई किसानों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसे दिए हैं, लेकिन डर के कारण कैमरे के सामने बयान देने से इंकार कर दिया।

सूत्रों के अनुसार किसानों को कथित तौर पर धमकाया गया या भविष्य में कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई, जिससे वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।

लेकिन जिले में हड़कंप और किसान हमारे साथ है अमित डेहरिया

*दो गांव नहीं, पूरा जिला जांच के दायरे में*

शुरुआत में मामला केवल दो गांवों तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि दमोह जिले में लगभग 200 से अधिक ट्रांसफार्मर बिना विधिवत प्रक्रिया के लगाए जा चुके हैं।
जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख गांवों में—

राजा पटना, टोरी, इमलिया, झापन, तेजगढ़, तेंदूखेड़ा, अवाना, संग्रामपुर, नोटा, बनवार, जबेरा, हिण्डोरिया, पटेरा, राजा बंदी, कूड़ई, बरखेड़ा बिला खुर्द, बांदकपुर, हलगज सहित कई अन्य गांव शामिल हैं

*न्यूज़ टीम की पड़ताल जारी, खुलेंगे और नाम*

एमपी अपडेट न्यूज़ और जनजागरण संदेश न्यूज़ द्वारा लगातार किसानों से संपर्क कर दस्तावेज़, भुगतान की जानकारी और ट्रांसफार्मर स्थापना की वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि किस किसान से कितनी राशि ली गई और पैसा किन-किन तक पहुंचा।

*विद्युत विभाग का बयान जांच जारी, कार्रवाई का आश्वासन*

*इस संबंध में MPEB के SE स्तर के अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।*

उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो स्टार डेल्टा कंपनी सहित सभी दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*लोकायुक्त और EOW तक पहुंच सकता है मामला*

सूत्रों के अनुसार यह मामला जल्द ही लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) तक पहुंच सकता है।


साथ ही कलेक्टर एवं ऊर्जा मंत्री को भी ई-मेल के माध्यम से शिकायत/ज्ञापन भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।

*एमपी अपडेट न्यूज़ की अपील*

एमपी अपडेट न्यूज़ किसानों और दर्शकों से अपील करता है कि वे डरें नहीं, सामने आएं और सच्चाई बताएं।

जांच जारी है और आने वाले समय में इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी नाम, चेहरे और तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।

किसी भी स्थिति में अगर न्यूज़ टीम पर किसी प्रकार की जनहानि होती है तो संबंधित अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यह खबर ना चलने के लिए रोक रहे हैं ….?

आपको बता दें दमोह जिले में 200 ट्रांसफर रखे गए हैं पिक्चर अभी बाकी है हमारी कार्यवाही जारी है….?

आपको बता दें पिक्चर अभी बाकी है यह तो टेलर है……?

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