—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*किले के सौंदर्यीकरण के बाद दमोह की ऐतिहासिक विरासत देख लोग होंगे आश्चर्यचकित: कलेक्टर सुधीर कोचर*
दमोह जिले की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय (किला) के कायाकल्प का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने हाल ही में निर्माण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया और विश्वास जताया कि पुनरुद्धार के बाद यह स्थल न केवल दमोह बल्कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार होगा।
प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी के विशेष प्रयासों से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट का उपयोग न केवल किले के जीर्णोद्धार के लिए, बल्कि इसके रखरखाव, नई गैलरी के निर्माण और आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने में किया जा रहा है।
कलेक्टर कोचर ने बताया कि वर्तमान में किले की दीवारों को सुरक्षित करने के लिए विशेष रिपेयरिंग कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा:
फिलहाल किले की ऐतिहासिक संरचना कई जगहों से स्पष्ट दिखाई नहीं देती, लेकिन सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार के बाद यह अपने भव्य स्वरूप में सामने आएगा। जब यह कार्य पूर्ण होगा, तो पूरा किला चारों ओर से विजिबल (दृश्यमान) होगा।
प्रोजेक्ट की प्रिंसिपल आर्किटेक्ट और कंसल्टेंट संगीता बैस ने बताया कि संग्रहालय के भीतर कई महत्वपूर्ण गैलरीज तैयार की जा रही हैं
यहाँ ‘नल-दमयंती’ की प्रेम गाथा और दमोह के इतिहास से जुड़ी पौराणिक कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
दमोह के विभिन्न पुरातात्विक स्थलों और उनकी संस्कृति पर आधारित एक विशेष दीर्घा होगी।
जिले के प्रसिद्ध मंदिरों, जैसे नोहाटा का मंदिर, के वास्तविक मॉडल यहाँ रखे जाएंगे ताकि पर्यटक एक ही स्थान पर जिले की पूरी विरासत को समझ सकें।
परियोजना के तहत एक ओपन एयर थिएटर का निर्माण भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्कूलों के बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।
यहाँ वर्ल्ड हेरिटेज डे (विश्व विरासत दिवस) और हेरिटेज वीक के दौरान विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे नई पीढ़ी का ज्ञानवर्धन हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों और प्रोजेक्ट टीम के साथ पूरे परिसर का ‘वॉक-थ्रू’ किया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य समयबद्ध सीमा में और उच्चतम गुणवत्ता के साथ पूर्ण होना चाहिए। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि सिद्धार्थ मलैया, एसडीएम आर.एल. बागरी और संग्रहालय के प्रभारी अधिकारी सुरेंद्र चौरसिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।














