—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पुलिस–शराब ठेकेदार गठजोड़ का आरोप, ग्रामीण पर हमले और दबाव का मामला गरमाया*
दमोह। जिले के पटेरा थाना क्षेत्र में पुलिस और शराब ठेकेदारों के कथित गठजोड़ का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम बड़ी तिदनी निवासी शंकर राजपूत ने आरोप लगाया है कि शराब बंदी का विरोध करने के बाद से उसे और उसके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़ित के अनुसार 6 नवंबर 2025 की रात करीब 10 बजे, शराब बिक्री का विरोध करने पर शराब ठेकेदार पुलिस बल के साथ उसके घर में घुस आए और पत्नी व बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट की। शंकर राजपूत ने दावा किया है कि उसे करीब 30 पाइप लगाए गए। घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक को देने के बावजूद राहत मिलने के बजाय दबाव और बढ़ गया।
शंकर राजपूत का आरोप है कि पुलिसकर्मी और ठेकेदार समर्थक आए दिन उसके घर पहुंचकर गाली-गलौच, धमकी देते हैं और झूठे मामलों में फंसाने की चेतावनी देते हैं। 13 जनवरी 2026 की रात करीब 3 बजे, एक दर्जन से अधिक लोग उसके घर पहुंचे, दरवाजों पर लातें मारीं और घर के चारों ओर घूमकर दहशत फैलाने का प्रयास किया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसे फंसाने के उद्देश्य से कुछ लोग जानबूझकर घर के आसपास शराब रख देते हैं और इस दौरान शराब ठेकेदार भी मौके पर मौजूद रहता है। शंकर राजपूत ने ठेकेदारों के नाम गोविंद भायल और मनोज ताम्रकार बताए हैं, जो क्रमशः पटेरा कलारी और हिंडोरिया शराब दुकान का संचालन करते हैं।
शंकर राजपूत का कहना है कि पुलिस ने सहयोग करने के बजाय खुद मारपीट में भाग लिया, जिससे मजबूर होकर उसने न्यायालय में एमएलसी सहित मारपीट की रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
मामले को लेकर बुधवार को करणी सेना के जिला अध्यक्ष नितिन सिंह तोमर एवं सागर संभाग महामंत्री निहाल सिंह तोमर कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पटेरा थाने में पदस्थ आरक्षक प्रमोद चौबे, इंद्रजीत लोधी और अनिल लोधी ने नशे की हालत में गाली-गलौच व मारपीट की।
करणी सेना का दावा है कि घटनाओं से जुड़े वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं। संगठन ने दोषियों के विरुद्ध तत्काल एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।







