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*जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता कार्यक्रम संपन्न*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*मन को शांत रखने के लिए योग व ध्यान का करें अभ्यास*

*प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी*

*जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता कार्यक्रम संपन्न*

दमोह। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह द्वारा जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह श्री सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल, सहायक जेल अधीक्षक रोहित सिंह, जेल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में बंदीगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता और न ही कोई स्वेच्छा से जेल में प्रवेश करता है।

कई बार गरीबी, अज्ञानता, क्रोध अथवा आकस्मिक परिस्थितियों में व्यक्ति से अपराध घटित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उसे कारावास भुगतना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि कारावास के दौरान व्यक्ति की स्वतंत्रता भले ही सीमित हो जाती है, लेकिन उसके मौलिक अधिकार, मूल कर्तव्य और दायित्व सुरक्षित रहते हैं।

बंदियों को संपर्क, मुलाकात, धर्म पालन, चिकित्सा सुविधा तथा शिक्षा से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्होंने बंदियों को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से प्राणायाम, योग और ध्यान करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को शासन के व्यय पर निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, जो तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक उनकी ओर से पैरवी करता है।

वर्तमान में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से पूर्णकालिक अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई है, जो विशेष रूप से विधिक सहायता मामलों में कार्यरत हैं।

उन्होंने जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक की जानकारी भी बंदियों को दी और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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