—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*09 माह की मासूम से दरिंदगी, आरोपी गिरफ्तार — एसपी ने किया खुलासा*
*मजबूत साक्ष्य संकलन पर जोर, न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी*
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार चौकी में 9 माह की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की हृदयविदारक घटना सामने आई है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात हुई इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने शनिवार दोपहर प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही दो विशेष टीमें गठित कर तत्काल रवाना की गईं। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। आरोपी बच्ची का चचेरा दादा बताया जा रहा है, जिसने पारिवारिक विश्वास को तार-तार कर इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया।
घटना के बाद बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। एसपी ने बताया कि पूरी रात अस्पताल में एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया, नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल, थाना प्रभारी अंजली अग्निहोत्री सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे और चिकित्सकीय उपचार एवं सुरक्षा की निगरानी करते रहे। अंतिम चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार बच्ची का स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची की मां मजदूरी करने जाती है और घटना के समय मासूम घर पर अकेली थी। इसी दौरान परिवार के विश्वसनीय सदस्य द्वारा इस प्रकार का अपराध किया जाना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में साक्ष्य संकलन, मेडिकल परीक्षण, एफएसएल जांच सहित सभी कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।
एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण को न्यायालय में मजबूती से प्रस्तुत किया जाए, जिससे आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।












































