—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*होली पर खून से दहला दमोह अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की हत्या*
*एक को पत्थर से कुचलकर मारा, दूसरे को मारी गोली; जिले में सनसनी*


दमोह मध्य प्रदेश के दमोह जिले में होली के उल्लास के बीच दो नृशंस हत्याओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन वारदातों से दहशत का माहौल है।
पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट पर है और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
**जंगल में मिला पत्थर से कुचला शव**
पहली सनसनीखेज घटना तेजगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत इमलिया चौकी के खारी गांव के पास सामने आई। यहाँ के जंगलों में एक युवक का लहूलुहान शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 26 वर्षीय दुर्गेश सिंह (निवासी हरदुआ खुर्द) के रूप में हुई है।
घटनास्थल का दृश्य हृदय विदारक था; दुर्गेश के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं और पास ही एक बड़ा पत्थर पड़ा था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने पत्थर पटककर उसकी हत्या की है। सूचना मिलते ही तेजगढ़ और इमलिया पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर तफ्तीश शुरू कर दी है।
**स्कूल के प्यून को मारी गोली**
दूसरी वारदात देहात थाना क्षेत्र के जबलपुर नाका चौकी के अंतर्गत हथना गांव में घटित हुई। यहाँ महर्षि स्कूल में पदस्थ 28 वर्षीय चंदू रैकवार की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
परिजनों के मुताबिक, चंदू बुधवार दोपहर स्कूल से घर लौटा था और शाम को किसी काम से बाहर गया था। जब वह देर रात तक वापस नहीं आया, तो खोजबीन शुरू की गई। गांव से कुछ दूरी पर उसका शव मिला, जिसके शरीर पर गोली के निशान पाए गए। हत्या की पुष्टि होते ही पूरे गांव में मातम और आक्रोश फैल गया।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित देहात थाना पुलिस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया है।
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। एक ही दिन में हुई इन दो घटनाओं के बाद पुलिस सक्रिय है और जल्द ही दोनों मामलों का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। — श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एसपी
इन दोहरे हत्याकांडों के बाद दमोह में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। त्योहार के दिन हुई इन हत्याओं ने खुशियों के माहौल को मातम और डर में बदल दिया है।














































