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*नहीं थम रहा वारदातों का सिलसिला एक के बाद एक हत्याओं से सनसनी*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—

*नहीं थम रहा वारदातों का सिलसिला एक के बाद एक हत्याओं से सनसनी*

*अपराधियों के हौसले बुलंद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल*

*आखिर कब होगा जिले में कानून का राज स्थापित? – पूछता है दमोह*

दमोह। जिले में लगातार सामने आ रही हत्या की घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते एक सप्ताह में पांच और पिछले तीन दिनों में चार हत्याओं की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। एक के बाद एक हुई जघन्य वारदातों ने पूरे जिले को दहशत के माहौल में डाल दिया है।

आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ताजा घटनाक्रम शुक्रवार को सामने आया, जब कक्षा दसवीं की परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले एक छात्र पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार इमलाई निवासी करीब 14 वर्षीय ऋषि अहिरवार, पिता कमलेश अहिरवार, कक्षा दसवीं का छात्र था।

परीक्षा केंद्र ओजस्वनी स्कूल में बनाया गया था। परीक्षा देकर जैसे ही वह केंद्र से बाहर निकला, उसी दौरान कुछ छात्रों से उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर एक छात्र ने चाकू निकालकर उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और साथियों ने तुरंत उसे जिला अस्पताल दमोह पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन अधिक खून बह जाने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

वहीं नाबालिग छात्र की हत्या के संबंध में पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 नाबालिगों को अभिरक्षा में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और गहन विवेचना के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार हो रही हत्याओं से लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और कानून का खौफ क्यों खत्म होता जा रहा है। जिले के हर चौराहे और गली में अब यही चर्चा है कि दमोह में हत्याओं का यह सिलसिला आखिर कब थमेगा।

बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच अब प्रशासन के लिए यह समय सख्त और ठोस कदम उठाने का है, ताकि शहर में फिर से कानून का राज स्थापित हो सके और लोगों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।

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