—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*दमोह से ब्रज चौरासी कोस यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना*


दमोह। धार्मिक आस्था और भक्ति भाव के साथ दमोह से श्रद्धालुओं का एक जत्था ब्रज चौरासी कोस यात्रा के लिए श्री वृंदावन धाम के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा श्री शिव साईं मंदिर के गुरुजी पंडित श्री कमलेश्वर आनंद जी महाराज के मार्गदर्शन एवं सानिध्य में आयोजित की जा रही है। रविवार को दमोह रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं को भावभीनी विदाई दी गई। इस दौरान स्टेशन परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला और श्रद्धालु “राधे-राधे” तथा “जय श्री कृष्ण” के जयकारे लगाते हुए यात्रा के लिए रवाना हुए।
ब्रज चौरासी कोस यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। यह यात्रा भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलास्थली ब्रजभूमि की परिक्रमा के रूप में की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु वृंदावन, मथुरा, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव सहित ब्रज क्षेत्र के अनेक पवित्र तीर्थ स्थलों के दर्शन करते हैं और आध्यात्मिक पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
यात्रा पर रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने गुरुजी पंडित श्री कमलेश्वर आनंद जी महाराज का आशीर्वाद लिया। महाराज ने सभी श्रद्धालुओं को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ब्रज चौरासी कोस यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा ही नहीं बल्कि आत्मिक शांति और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ने का एक विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं और वहां जाकर श्रद्धालु स्वयं को आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
दमोह से इस यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं में प्रमुख रूप से कपिल सोनी, राजू नामदेव सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हैं। वहीं तीर्थ यात्रियों में मालती हरिनारायण सोनी, अयोध्यारानी नारायण सिंह, लता, ललिता, मानसी, मुन्नी, शांति बाई, गोविंद, सरोज रानी, उमा, पुष्पा, गोकुल, राधा, सुनीता सहित कई श्रद्धालु इस पावन यात्रा के लिए रवाना हुए।
रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए उनके परिजन, मित्र और अन्य भक्तजन बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने यात्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर और शुभकामनाएं देते हुए मंगलमय यात्रा की कामना की। इस दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि वे ब्रज चौरासी कोस यात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली के दर्शन कर परिक्रमा करेंगे और क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना करेंगे। इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा देखने को मिल रही है।
















































