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*ईदुल फितर पर्व आपसी सद्भाव के माहौल में सम्पन्न, हिण्डोरिया में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—

*ईदुल फितर पर्व आपसी सद्भाव के माहौल में सम्पन्न, हिण्डोरिया में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल*

*हिंडोरिया से सुजात खान की रिपोर्ट*

दमोह/हिण्डोरिया। माह-ए-रमजान के मुकम्मल होने के बाद मनाया जाने वाला पवित्र ईदुल फितर पर्व नगर हिण्डोरिया में इस वर्ष भी अजीमुश्शान शान और आपसी सद्भाव के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे नगर में भाईचारे, प्रेम और एकता का वातावरण देखने को मिला।

सुबह होते ही नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों मुस्लिम भाई स्थानीय ईदगाह मस्जिद में एकत्रित हुए। यहां जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हाजी जनाब तनबीर रजा मिस्वाही खान साहब ने प्रातः 8 बजे खुतबा पेश करते हुए ईदुल फितर की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सभी ने हाथ उठाकर “आमीन” की सदाओं के बीच देश, समाज और पूरी मानवता के लिए अमन, शांति, एकता, तरक्की और खुशहाली की दुआएं मांगीं।

नमाज अदा करने के पश्चात लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर सुधांशु चौबे, डीएसपी देवी सिंह ठाकुर, टीआई धर्मेन्द्र उपाध्याय, नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह, आरआई धनीराम तेकाम, एडवोकेट नरेंद्र दाहिया, डॉ. अंशुल सप्रे, बाबा मधुसूदन दास कोरी, अलकेश नामदेव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

इसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान पहुंचकर अपने मरहूम परिजनों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी और उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। साथ ही नगर के गमगीन परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें गले लगाते हुए ईद की खुशियों में शामिल किया।

पूरे आयोजन के दौरान पुलिस प्रशासन और नगर परिषद की भूमिका भी सराहनीय रही, जिससे पर्व शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हो सका।

ऐहतेकाफ पर बैठे हजरात का हुआ सम्मानपूर्वक इस्तकबाल

हिण्डोरिया। रमजान शरीफ के अंतिम अशरे में दस दिवसीय ऐहतेकाफ पर बैठे हजरात का ईद के मौके पर मुस्लिम जमात द्वारा गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। नमाज-ए-इशा के बाद उन्हें सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाया गया।

इस वर्ष जामा मस्जिद में मुहम्मद नासिर खान नूरी तथा नूरी फरीदी मस्जिद में मुहम्मद जाहिद खान एवं मुहम्मद इमरान खान ऐहतेकाफ में बैठे थे। इन सभी ने दस दिनों तक मस्जिदों में रहकर रोजा रखा और पांचों वक्त की नमाज, सुन्नत एवं तरावीह की नमाज अदा की। साथ ही अधिकतर समय कुरान शरीफ की तिलावत और इबादत में व्यतीत किया।

इन हजरात ने पूरे विश्व, देश और अपने क्षेत्र में अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगीं। ईद का चांद नजर आने के बाद मुस्लिम समाज ने मस्जिदों में इनका दिल से स्वागत किया और सम्मान के साथ घर तक विदा किया।

इस दौरान जामा मस्जिद में हाफिज अब्दुल लतीफ खान साहब एवं नूरी फरीदी मस्जिद में हाफिज अता मुहम्मद खान साहब द्वारा तरावीह की विशेष नमाज अदा कराई गई, जिनकी सेवा को भी सराहा गया।

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