—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का संयुक्त मोर्चा सक्रिय विधायकों को सौंपे ज्ञापन*


दमोह। टीईटी परीक्षा निरस्त कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत 21 मार्च 2026 को अध्यापक-शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने जबेरा विधायक एवं पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा दमोह विधायक व पूर्व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते 20 से 30 वर्षों से कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता लागू की जा रही है, जिससे प्रदेश सहित देशभर के शिक्षक मानसिक तनाव में हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। संयुक्त मोर्चा ने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इस समस्या से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अवगत कराएं तथा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर कराने हेतु मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से पहल करें। साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा जारी टीईटी संबंधी आदेश को स्थगित करने की मांग भी रखी गई।
इस दौरान मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश सरकार शिक्षकों के साथ है और उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, सरकार सभी आवश्यक कदम उठाएगी। वहीं पूर्व वित्त मंत्री जयंत कुमार मलैया ने भी शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के प्रति संवेदनशील है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में राज्य शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष मनोहर दुबे, शासकीय शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र मिश्रा, संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष एम.एल. सरैया, आज़ाद अध्यापक शिक्षक संघ के संयोजक महेंद्र दीक्षित, कार्यकारी अध्यक्ष अभय भट्ट, प्रवक्ता विपिन चौबे, लोकेश सेन, राजेश जैन, सुखनंदन साहू, मनोहर ठाकुर, सुशीला उपाध्याय, रीता मारिया, रश्मी ठाकुर, नीलू श्रीवास्तव, सुशीला ठाकुर सहित जबेरा एवं तेंदूखेड़ा क्षेत्र के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।













































