—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*राजस्व एवं खाद्य विभाग की बड़ी संयुक्त कार्रवाई 40 से अधिक प्रतिष्ठानों की जांच, 19 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त 13 प्रकरण दर्ज*


दमोह, 29 मार्च 2026।
जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशानुसार राजस्व एवं खाद्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के सभी अनुविभागों में टीमों का गठन कर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण किया गया।
जांच दलों ने कुल लगभग 40 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जिनमें कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर कुल 19 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए तथा संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध 13 प्रकरण दर्ज किए गए।
*अनुविभागवार कार्रवाई का विस्तृत विवरण*
*तेंदुखेड़ा अनुविभाग*
यहां जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं सामने आईं।
कान्हा फैमिली रेस्टोरेंट – 02 सिलेंडर जब्त
राजा मिष्ठान भंडार – 02 सिलेंडर जब्त
अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट – 01 सिलेंडर जब्त
अन्नपूर्णा होटल – 01 सिलेंडर जब्त
*हटा अनुविभाग*
पंचवटी ढाबा – 01 सिलेंडर जब्त
अग्रवाल भोजनालय – 01 सिलेंडर जब्त
बुंदेली रसोई – 02 सिलेंडर जब्त
*पथरिया अनुविभाग*
विभिन्न रेस्टोरेंटों से – 03 सिलेंडर जब्त
*दमोह अनुविभाग*
अर्जुन होटल (रेलवे स्टेशन के पास) – 01 सिलेंडर
मनोहर चाय (जबलपुर नाका) – 01 सिलेंडर
शुक्ला भोजनालय – 02 सिलेंडर
मोमोज दुकान (किल्लाई नाका) – 01 सिलेंडर
ब्रजवासी होटल (बस स्टैंड) – 01 सिलेंडर
*कार्रवाई का उद्देश्य और प्रशासन की चेतावनी*
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए होते हैं। इनका व्यावसायिक उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद खतरनाक है। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
कलेक्टर ने सभी होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबा संचालकों को निर्देशित किया है कि वे केवल वैध कमर्शियल गैस सिलेंडरों का ही उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
*अभियान रहेगा जारी*
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।












































