—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*दमोह बायपास हादसा मानवता की मिसाल बने लोकेन्द्र पटेल और उदयभान पटेल*
दमोह बायपास पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने जहां एक ओर लोगों को झकझोर कर रख दिया, वहीं दूसरी ओर दो युवाओं की बहादुरी और मानवता ने दिल जीत लिया। इस हादसे में एक युवक ट्रक के नीचे फंस गया था और उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। मौके पर मौजूद लोग घबराए हुए थे, लेकिन मदद के लिए आगे आने का साहस बहुत कम लोग जुटा पा रहे थे।
इसी बीच पशुपालन मंत्री के पुत्र लोकेन्द्र पटेल और उनके साथी उदयभान पटेल (प्रतिनिधि, जनपद उपाध्यक्ष पथरिया) वहां पहुंचे और बिना समय गंवाए स्थिति को संभाल लिया। उन्होंने किसी भी प्रकार के विशेष प्रोटोकॉल या एम्बुलेंस का इंतजार नहीं किया, बल्कि तुरंत सक्रिय होकर स्थानीय लोगों की मदद से युवक को ट्रक के नीचे से सुरक्षित बाहर निकलवाया।
घायल युवक की नाजुक हालत को देखते हुए दोनों ने मानवता का परिचय देते हुए अपनी निजी कार से ही उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसे समय पर इलाज मिल सका। यदि थोड़ी भी देर होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
आज के दौर में, जब अक्सर लोग दुर्घटनाओं के समय केवल वीडियो बनाने या तमाशा देखने तक सीमित रह जाते हैं, ऐसे समय में इन दोनों युवाओं का यह कदम न सिर्फ प्रेरणादायक है बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि असली पहचान पद, प्रतिष्ठा या शक्ति से नहीं, बल्कि कठिन समय में किए गए कर्मों से होती है।
उनकी इस साहसिक और मानवीय पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। यह घटना हमें यह सीख देती है कि अगर हर व्यक्ति ऐसे मौके पर आगे बढ़कर मदद करे, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
निस्संदेह, लोकेन्द्र पटेल और उदयभान पटेल ने मानवता, साहस और जिम्मेदारी का जो परिचय दिया है, वह समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।












































