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*भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा नगर हुआ धर्ममय*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—

*भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा नगर हुआ धर्ममय*

दमोह। भगवान महावीर स्वामी के पावन जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर दमोह नगर में जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पूरे शहर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। श्री दिगम्बर जैन पंचायत दमोह के नेतृत्व एवं जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा के संयोजन में यह आयोजन अत्यंत गरिमामय ढंग से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम पूज्य मुनि श्री पद्म सागर जी महाराज ससंघ, गणनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी ससंघ एवं आर्यिका श्री साधूमति माता जी ससंघ के सानिध्य में आयोजित किया गया। प्रातःकाल सिटी नल से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नसिया जी मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से भगवान का भव्य मस्तकाभिषेक 32 इंद्रों के माध्यम से सम्पन्न हुआ।

अभिषेक के पश्चात शोभायात्रा पुनः प्रारंभ होकर पलंदी मंदिर होते हुए सिटी नल पहुंचकर संपन्न हुई। इसके बाद सिंघई मंदिर में भगवान का पुनः अभिषेक किया गया। शोभायात्रा में विभिन्न मंदिरों की पाठशालाओं, महिला मंडलों एवं बालिका मंडलों द्वारा आकर्षक एवं अनुशासित प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने सभी का मन मोह लिया।

दिव्य घोष, भक्ति गीत और एकरूप वेशभूषा में प्रस्तुत झांकियों में भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया गया। सुधा सागर व्यायामशाला द्वारा शस्त्र प्रदर्शन तथा गौशाला की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

इस अवसर पर क्षुल्लक श्री तात्पर्य सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में भगवान महावीर के “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि यह विचार आज भी मानवता के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। वहीं आर्यिका श्री साधूमति माता जी ने गुरु आज्ञा पालन को सच्ची साधना बताते हुए धर्ममार्ग पर दृढ़ रहने का संदेश दिया। गणनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी ने कहा कि धर्ममार्ग पर किया गया हर छोटा प्रयास भी महान फल प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा एवं साधु-संतों की सेवा में सक्रिय चिकित्सकों—डॉ. स्वदेश जैन, डॉ. गौरव नायक, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. अभय जैन एवं आनंद जैन पैथोलॉजी सहित फिजियोथेरेपी सेवाएं देने वाले चिकित्सकों का सम्मान किया गया।

सांध्यकाल में पारस पैलेस में महिला मंडलों एवं पाठशालाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सम्पूर्ण आयोजन में समाज के सभी वर्गों—पुरुष, महिलाएं, युवक-युवतियां एवं बच्चों—की सक्रिय भागीदारी रही। यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों का भी सशक्त संदेश देकर गया।

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