—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*संवेदनशील कलेक्टर के निर्देश के बावजूद नहीं पहुंची जांच टीम आंदोलनकारियों में आक्रोश*
*हिंडोरिया से सुजात खान की रिपोर्ट*
दमोह/हिण्डोरिया। नगर के मुख्य मार्ग पर संचालित विवादित देशी एवं अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान को लेकर उठे विवाद के बीच प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा स्वयं संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को कोई भी जांच टीम स्थल पर नहीं पहुंची। इससे स्थानीय नागरिकों और आंदोलनकारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, नगर के अनुसूचित जाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग बाहुल्य वार्ड में स्थित इस शराब दुकान का संचालन धार्मिक स्थलों एवं बच्चों के स्कूलों के समीप किया जा रहा है, जिसे लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम सौरभ गन्धर्व एवं जिला आबकारी अधिकारी रविन्द्र खरे को बुधवार को निर्देशित किया था कि वे हिण्डोरिया पहुंचकर विवादित स्थल का भौतिक सत्यापन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।
हालांकि, गुरुवार को दिनभर नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने जांच टीम का इंतजार किया, लेकिन न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही टीम के आने या न आने की कोई सूचना दी गई। इस लापरवाही से आंदोलनकारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
म.प्र. एकता परिषद के जिला अध्यक्ष सुजात खान ने प्रशासन के इस रवैये को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं अहिंसात्मक आंदोलन का अपमान बताया। वहीं, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण पटेल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ितजन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
नागरिकों एवं आंदोलनकारियों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि बस्ती के बीच, नियमों के विरुद्ध संचालित इस देशी-अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सामाजिक वातावरण बना रह सके।













































