—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*पुराने शिक्षकों पर नई शर्तों का विरोध संयुक्त मोर्चा सड़कों पर ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन*
*टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग 18 अप्रैल को भोपाल में बड़ा आंदोलन*
मुकेश जैन की रिपोर्ट झलौन
तेंदूखेड़ा। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा, मध्यप्रदेश के आह्वान पर शनिवार को तेंदूखेड़ा तहसील मुख्यालय के समीप शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित शिक्षकों ने सरकार के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के बाद संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुपस्थिति में तहसीलदार विवेक व्यास को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा अनिवार्य करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक है। खासकर वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षक, जो वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अब दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। यदि वे परीक्षा में सफल नहीं होते हैं तो उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो सकता है।
वक्ताओं ने इसे “रेट्रोस्पेक्टिव” निर्णय बताते हुए कहा कि यह शिक्षकों के अनुभव और समर्पण का अपमान है। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि इस फैसले से मध्यप्रदेश सहित देशभर के करीब डेढ़ लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
प्रमुख मांगें
ज्ञापन में शिक्षकों ने सरकार से निम्न मांगें रखीं—
सेवारत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से पूर्णतः मुक्त किया जाए
सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए
सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए
पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया जाए
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
संयुक्त मोर्चा ने बताया कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है—
8 अप्रैल: जिला स्तर पर प्रदर्शन
11 अप्रैल: ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन
18 अप्रैल: भोपाल में बड़ा प्रदर्शन
यदि शासन द्वारा जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
प्रदर्शन में रघुराज सिंह राजपूत, संतोष सरैया, के.एल. चौकसे, गणेश अहिरवार, संतोष झारिया, कौशल सिंह पोर्ते, रामकुमार परस्ते, चंद्रशेखर हजारी सहित गुड्डा सिंह ठाकुर, स्वदेश नेमा, गुलाब सिंह लोधी, राजेंद्र लोधी, ऋषि शर्मा, कुंदन उपाध्याय, धर्मेंद्र लोधी, राजकुमार शर्मा, अनुराधा तिवारी, दुर्गेश दुबे, मोनिका पाराशर, शिल्पा खरे, सीमा दुबे, जितेंद्र वागवार, दिलीप द्विवेदी सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।
अंत में संयुक्त मोर्चा ने शासन-प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए 18 अप्रैल को भोपाल पहुंचकर व्यापक प्रदर्शन करने का ऐलान किया।










































