—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*लघु उद्योग भारती महाकौशल अंचल की बैठक संपन्न 22 जिलों से 150 से अधिक उद्यमियों की सहभागिता*
**दमोह से अखिलेश सिंह की रिपोर्ट**
दमोह। लघु उद्योग भारती महाकौशल अंचल की महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें अंचल के 22 जिलों से 150 से अधिक उद्यमियों ने भाग लेकर संगठन की मजबूती का परिचय दिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्षभर किए गए कार्यों की समीक्षा एवं आगामी कार्ययोजना तैयार करना रहा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वृजुभाई, प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष अरविंद काले की विशेष उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि लघु उद्योग भारती पिछले 32 वर्षों से देशभर के लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों की आवाज बनकर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 25 अप्रैल को संगठन का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। वर्तमान में संगठन 600 से अधिक जिलों में 1100 से अधिक इकाइयों तथा 66 हजार से अधिक उद्यमियों के साथ सक्रिय है, जिसमें लगभग 9 प्रतिशत महिला उद्यमियों की भागीदारी है। उन्होंने “जहां-जहां उद्यमी, वहां-वहां संगठन” को संगठन की मूल शक्ति बताया।
उन्होंने श्रम कानूनों की बारीकियों को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि यदि उद्यमी छोटी-छोटी प्रक्रियाओं का सही पालन करें, तो कई कानूनी जटिलताओं से बचा जा सकता है। साथ ही उन्होंने बाल श्रम निषेध और मितव्ययिता को व्यवसाय की सफलता का आधार बताया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वृजुभाई एवं प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने संगठन के विस्तार, कार्यप्रणाली एवं वर्तमान औद्योगिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों से संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
महिला अध्यक्ष प्रियंका सोनी ने बताया कि लघु उद्योग भारती द्वारा उद्यमियों को निशुल्क उद्यम आधार पंजीयन, जीएसटी मार्गदर्शन एवं एमएसएमई से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में सहयोग दिया जाता है, जिससे छोटे उद्यमियों को विशेष लाभ मिल रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल ने संगठन के पांच प्रमुख कार्यक्रम—स्थापना दिवस, सेवा कार्य, वरिष्ठ उद्यमियों का सम्मान, युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन एवं सदस्यता विस्तार—की जानकारी देते हुए सभी इकाइयों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इस अवसर पर अरुण सोनी ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक संगठन नहीं, बल्कि उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच है, जो उनकी समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में संगठित रहकर ही छोटे उद्योगों को मजबूती मिल सकती है।
अंचल अध्यक्ष अनिल वासवानी ने महाकौशल अंचल की संगठनात्मक संरचना की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 22 जिलों में 32 पूर्ण इकाइयां एवं 3 महिला इकाइयां सक्रिय हैं। उन्होंने प्रत्येक औद्योगिक इकाई तक संगठन को पहुंचाने का लक्ष्य दोहराया।
कार्यक्रम के अंत में दिलीश चौधरी ने आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में सेवंत जैन, दिलीश चौधरी, पंकज अरोरा, प्रिंस वैभव जैन, संचित सेठ, सचिंद्र जैन, अमित जैन, पदम इटोरिया, लोकेश अग्रवाल, पवन अग्रवाल, राम जैन, गौरव जैन एवं सौरभ जैन सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।











































