—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*भगवान परशुराम प्रकट उत्सव को लेकर मातृशक्ति की सक्रियता सराहनीय भव्य शोभायात्रा की तैयारियां तेज*
दमोह। जिले में आगामी 20 अप्रैल को आयोजित होने वाले भगवान परशुराम प्रकट उत्सव को लेकर इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को नई ऊर्जा प्रदान की है। सिविल वार्ड क्रमांक 4 स्थित श्री शिव पार्वती मंदिर से शाम 5 बजे निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
रविवार को पवित्र बंधन मैरिज गार्डन में आयोजित मातृशक्ति की बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। बैठक में प्रमुख रूप से श्रीमती अंजू तिवारी, श्रीमती रेखा शर्मा, श्रीमती पूजा द्विवेदी, श्रीमती संगीता मिश्रा, श्रीमती रचना पांडेय, श्रीमती सीमा शुक्ला श्रीमती एडवोकेट गरिमा त्रिपाठी एवं अन्य वरिष्ठ महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में आयोजन को भव्य, दिव्य और अनुकरणीय बनाने का संकल्प लिया।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि मातृशक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर पीले चावल के माध्यम से निमंत्रण देंगी, जो भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और दूरभाष के जरिए भी अधिक से अधिक लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। महिलाओं ने जिम्मेदारी लेते हुए विभिन्न वार्डों और ग्रामों में संपर्क अभियान चलाने की योजना बनाई।
मातृशक्ति की इस सक्रियता की सर्वत्र सराहना की जा रही है। जिस तरह से महिलाएं संगठनात्मक रूप से आगे आकर जिम्मेदारी निभा रही हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनकी इस भागीदारी से न केवल आयोजन की भव्यता बढ़ेगी, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का भी संदेश मजबूत होगा।
बैठक में शोभायात्रा की रूपरेखा, झांकियों की तैयारी, स्वागत द्वार, प्रसाद वितरण, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं को भी जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया, ताकि आयोजन में नई ऊर्जा और अनुशासन बना रहे।
मातृशक्ति ने जिले की सभी महिलाओं, विप्र समाज के बंधुओं एवं युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान परशुराम प्रकट उत्सव को भव्यता प्रदान करें।
उल्लेखनीय है कि यह उत्सव जिले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करते हैं। इस बार मातृशक्ति की उल्लेखनीय भूमिका से यह आयोजन और भी ऐतिहासिक बनने की ओर अग्रसर है।









































