*दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि खुशी का माहौल इस तरह हिंसा में बदल गया* 
दमोह/कुम्हारी से तेंदूखेड़ा थाने के रिचकुडी बारात आई थी, और जयमाला के बाद फोटो सेशन के दौरान विवाद हो गया। यह सुनकर दुख हुआ कि लड़की वालों ने दूल्हे, उनके पिता, भाई और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की, जिसके कारण दिव्यांग दूल्हे को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
तेंदूखेड़ा थाने में आपसी सुलह के बाद भी, दूल्हे का अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय गुहार लगाने जाना यह दर्शाता है कि मामला गंभीर था और उन्हें न्याय की उम्मीद है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा।

दमोह/कुम्हारी से तेंदूखेड़ा थाने के रिचकुडी बारात आई थी, और जयमाला के बाद फोटो सेशन के दौरान विवाद हो गया। यह सुनकर दुख हुआ कि लड़की वालों ने दूल्हे, उनके पिता, भाई और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की, जिसके कारण दिव्यांग दूल्हे को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
तेंदूखेड़ा थाने में आपसी सुलह के बाद भी, दूल्हे का अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय गुहार लगाने जाना यह दर्शाता है कि मामला गंभीर था और उन्हें न्याय की उम्मीद है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा।













































