दमोह जिले के देवडोंगरा गांव में आदिवासियों की ज़मीन पर कब्ज़े के विरोध में आज सैकड़ों आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी ज़मीन, जिस पर वे आज़ादी के समय से खेती कर रहे हैं, उसे राजस्व विभाग और पटवारी की मिलीभगत से गांव के दबंगों को पट्टे पर दे दिया गया है. अब ये दबंग गुंडागर्दी करके आदिवासियों से ज़मीन छीन रहे हैं.
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कवि विनय अहिरवार ने सरकार पर भोले-भाले आदिवासियों पर ज़ुल्म ढाने का आरोप लगाया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आदिवासी आज़ादी के समय से उस ज़मीन पर कब्ज़ा करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं, तो उसका पट्टा किसी और को कैसे मिल सकता है? उन्होंने इसमें राजस्व विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाया.
अहिरवार ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने आदिवासियों को उनकी ज़मीन के पट्टे वापस नहीं दिए, तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. इस प्रदर्शन में नीलेश सिंह, वकील सींग आदिवासी, हल्ले आदिवासी, मनु मिश्रा, नितिन मिश्रा, गुड्डा तिवारी, कवि चंद्रभान सिंह लोधी सहित सैकड़ों महिलाएं भी शामिल थीं.








