दमोह में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बाढ़ में फंसे दो लोगों का सफल रेस्क्यू
तारादेही निवासी गोकुल गोंड और आशा रानी को जैतगढ़ खेत से नाव के ज़रिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। 
यह रेस्क्यू अभियान आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के बाद जिला कमांडेंट हर्ष जैन के निर्देश पर चलाया गया।
सर्रा गांव जलमग्न, व्यारमा नदी उफान पर
तेंदूखेड़ा ब्लॉक में लगातार बारिश के चलते कई गांव जलमग्न हो गए हैं, जिनमें सर्रा ग्राम भी शामिल है। यहां के युवा स्थानीय संसाधनों, जैसे टेबल, की मदद से बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। जिला प्रशासन की टीम भी विभिन्न गांवों में बचाव कार्य में जुटी हुई है।
व्यारमा नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण नदी के आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
एसडीएम हटा मरकाम ने हरदुआ घाट, कोटा, मुवारी, रामगढ़ा जैसे व्यारमा नदी से लगे गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की समझाइश दी है।
राजघाट पुल और अन्य क्षेत्रों की स्थिति
राजघाट का पुल डूबने से केवल 3 फुट 4 इंच दूर है, जो खतरे का संकेत है। एसडीएम हटा राकेश मरकाम संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके सब-डिवीजन क्षेत्र में अभी कोई गंभीर स्थिति नहीं है। उन्होंने बर्रट पुल का जायजा लिया है और पाला अर्जुनी गांव में भी स्थिति सामान्य बताई है।
एसडीएम मरकाम ग्रामीणों से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें समझाया जा रहा है कि यदि पानी बढ़ता है तो वे ऊंचे स्थलों पर चले जाएं। उन्होंने अमले को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान एसडीओपी पुलिस प्रशांत सिंह सुमन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
दमोह-जुझार गांव में व्यारमा नदी का जलस्तर बढ़ा, मार्ग बंद
दमोह के जुझार गांव में भी व्यारमा नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। पुल पर लगभग 4 फीट पानी आ गया है, जिससे मार्ग बंद हो गया है।











































