तेन्दूखेड़ा, दमोह में खाद वितरण की स्थिति
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा में सोमवार को खाद वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था फैल गई,
जिससे प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह 9 बजे करीब 600 किसानों को खाद दी जानी थी, लेकिन मौके पर 3,000 किसान पहुँच गए, जिससे भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया।
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम
दमोह के कलेक्टर श्री कोचर और पुलिस अधीक्षक श्री सोमवंशी के निर्देश पर, एसडीएम सौरभ गंधर्व, डिप्टी कलेक्टर अविनाश रावत, एसडीओपी देवी सिंह ठाकुर, थाना प्रभारी नीतीश जैन और जनपद सीईओ मनीष बागरी सहित पुलिस बल ने स्थिति को संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
* पर्ची और टोकन वितरण: भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए, प्रशासन ने पर्ची और टोकन बांटना शुरू किया।
* पहले 2,500 किसानों को सुबह 9 बजे तक पर्चियाँ दी गईं, और उन्हें उसी दिन खाद वितरित की गई।
* जिन 3,000 किसानों को 10 बजे के बाद पर्चियाँ मिलीं, उन्हें अगले दिन, यानी मंगलवार को खाद देने का आश्वासन दिया गया।
* शिनाख्त के लिए इंक: एक ही किसान को बार-बार पर्ची लेने से रोकने के लिए, उनकी उंगली पर इंक लगाई गई।
* वितरण केंद्र पर भीड़ कम करना: वितरण केंद्र पर भीड़भाड़ से बचने के लिए, किसानों को तीन किलोमीटर दूर तहसील कार्यालय से पर्चियां दी गईं।
इन सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ किसान जिन्हें टोकन नहीं मिल
पाए, उन्होंने खाद से भरे ट्रक से खाद उतारने की कोशिश भी की, जिसे पुलिस ने बल प्रयोग करके रोका। प्रशासन का कहना है कि इन उपायों से किसानों को एक बड़ी परेशानी से बचाया जा सका।
यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि खाद की उपलब्धता और वितरण प्रणाली को और बेहतर करने की आवश्यकता है ताकि किसानों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।















































