*देश का गौरव भूलीं हटा विधायक – राष्ट्रगीत के सवाल पर बोलीं “संस्कृत मे हमसे नहीं बनता”*राष्ट्रगान भी भूली बिधायक*
*पूर्व शिक्षक ओर तीन बार बिधायक होकर भी नहीं बना राष्ट्रगान,, विपक्ष ने कहा – ऐसे नेताओं से देश का क्या होगा?*
दमोह – जिस राष्ट्रगीत ओर राष्ट्रगान के लिए करोड़ों भारतीय गर्व महसूस करते हैं, उसे गाने में हटा विधानसभा की भाजपा विधायक उमादेवी खटीक नाकाम रहीं
। मंगलवार को पटेरा में आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान पत्रकारों ने उनसे पहले राष्ट्रगीत सुनाने को कहा,तो उन्होंने कहा हमसे संस्कृत मे नहीं बनता है, ओर जब राष्ट्रगान सुनाया तो कैमरे के सामने उसे भी पूरी तरह से सुनाने मे नाकाम नजर आई, वही बिधायक का यह वीडियो वायरल होने के बाद बिपक्ष समेत जिले भर में चर्चाओ की लहर दौड़ गई।*पूर्व शिक्षक होकर भी राष्ट्रगीत नहीं बना, ओर राष्ट्रगीत भी भूली बिधायक*
चौंकाने वाली बात यह है कि उमादेवी खटीक पहले शासकीय शिक्षक रह चुकी हैं। जिनके कंधों पर कभी बच्चों को देश का इतिहास और संस्कृति सिखाने की जिम्मेदारी थी, वह खुद आज राष्ट्रगीत सुनाने के लिए स्पस्ट बोल रही है कि, हमसे संस्कृत मे नहीं बनता है, ओर जब राष्ट्रगान सुनाया तो, उसे भी पढ़कर सुनाने मे भूल गईं। वही इस दौरान हटा बिधायक उमदेवी खटीक ने कहा कि हमारे देश का राष्ट्रगान 52 मिनिट का है, जबकी जानकारी के अनुसार हमारे देश का राष्ट्रगान 52 सेकेण्ड का है,अब लोग पूछ रहे हैं – “अगर शिक्षक रह चुके जनप्रतिनिधि को राष्ट्रगीत, या राष्ट्रगान तक याद नहीं, तो वे देशभक्ति का पाठ कैसे पढ़ाएंगे?”
*तिरंगा यात्रा में रथनुमा बग्घी पर आराम, बच्चे पैदल,भाजपाइयों ने दिखाई यात्रा से दूरिया, बच्चो ने बाँधा शमा*
बतादे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। उसी तरताम्भ मे जिले के पटेरा मे भी मंगलवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई, मगर पटेरा में जब बच्चे पैदल तिरंगा लेकर नारे लगा रहे थे, तब विधायक जी रथनुमा बग्घी में बैठकर तिरंगा यात्रा के सफर का आनंद ले रही थीं। उसी बग्घी में भारत माता के रूप में सजी एक बच्ची भी बैठी थी।
विपक्ष ने इस दृश्य पर भी तंज कसते हुए कहा – “जहां भारत माता बैठी हैं, वहीं खुद को बैठाकर इनकी सोच साफ हो जाती है।” इतना ही नहीं बल्कि इस तिरंगा यात्रा से कई भाजपाईयों ने कुछ इस कदर दूरिया बनाई जैसे मानो, यात्रा मे कोई विरोधी दल का नेता या जनप्रतिनिधि शामिल हो गया हो, बताया जा रहा है कि तिरंगा यात्रा मे शामिल होने के लिए पटेरा क्षेत्र के करीब सेकड़ो भाजपाई तैयारी कर कार्यक्रम स्थल पटेरा बस स्टेण्ड पर पहुंच चुके थे, मगर जैसे ही उन्होंने बिधायक के कुछ बिबादित करीबियों को साथ देखा, तो तत्काल ही कार्यक्रम से दूरिया बनाते हुए स्थानीय दुकानों पर बैठ गए, जो कही न कही चर्चाओ का विषय बन गया,बताया जा रहा है कि, कुछ पार्टी के कार्यकर्ता तो बिधायक ज़ी के रथनुमा बग्गी पर बैठने से नाराज हो गए, उनका कहना है कि जब भारत माता के रूप मे उस रथनुमा बग्गी पर बच्ची को बैठाया गया था, तो वहा हटा बिधायक महोदय का बैठना उचित नहीं था,
*विपक्ष का तीखा वार, ये क्या कराएंगी विकास*
वही इस घटना के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विधायक पर सीधा हमला बोला, पटेरा के ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र जैन ने सीधे तोर पर बिधायक पर तंज कस्ते हुए कहा है कि,
“राष्ट्रगीत तक याद न रखने वाले जनप्रतिनिधि से प्रदेश और क्षेत्र के विकास की उम्मीद करना बेकार है।”
सोशल मीडिया पर भी लोग विधायक के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं और इसे शर्मनाक वाकया बता रहे हैं। वही स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले घटित इस घटना ने जनता की भावनाओं को चोट पहुंचाई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे जनप्रतिनिधि सच में देश और क्षेत्र की सेवा के लिए उपयुक्त हैं, या फिर सिर्फ कुर्सी और रसूख के लिए राजनीति में हैं।







