दमोह के बांदकपुर में उल्टा तिरंगा फहराने का मामला
दमोह के बांदकपुर गाँव में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे को उल्टा फहराने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत के ध्वजारोहण समारोह में सरपंच द्वारा की गई इस गलती को कई लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार, तिरंगे को उल्टा फहराना राष्ट्रीय गौरव का अपमान माना जाता है। यह राष्ट्रीय ध्वज संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है और इससे देश की भावनाओं को ठेस पहुँचती है। इस तरह की घटना के लिए राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस अधिनियम में दोषी पाए जाने पर जुर्माना या 3 साल तक की जेल, या दोनों का प्रावधान है।
इस घटना ने न केवल पंचायत प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाता है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे
लोगों को भी कभी-कभी राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता और नियमों की जानकारी का अभाव होता है।इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और न ही प्रशासन द्वारा इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन या पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।
*अगर आपके पास इस घटना के बारे में कोई जानकारी हो तो जरूर दें*













































