दमोह में जैन समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया
मुख्य घटना और प्रदर्शन
* दमोह में जैन समुदाय ने निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज के खिलाफ की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया।
* प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुतला दहन किया, आक्रोशित जैन समुदाय के लोगों ने कहां की मुनि के बारे में गलत कहने वालो को जूते मारो सालों को जैसे शब्द कहे गए दमोह में जैन समाज के लोगों में काफी आक्रोशित देखा गया I
* प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर विवादित नारे लगाए, जिनमें “मेरे मुनि की निंदा करने वालों को जूते मारो सालों को” जैसे उग्र शब्द शामिल थे।
* यह विरोध संतोष जैन पटना नामक व्यक्ति द्वारा दिए गए एक बयान के कारण हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर आचार्य विद्यासागर महाराज का अपमान किया था।
विवाद का केंद्र
* विवाद का मूल कारण संतोष जैन पटना द्वारा की गई टिप्पणियां बताई जा रही हैं।
* एक वीडियो शीर्षक के अनुसार, संतोष जैन पटना ने आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे जैन समाज में गहरा आक्रोश फैल गया।
* एक और विस्तृत लेख में यह बताया गया है कि संतोष जैन ने जिज्ञासा समाधान के मंच पर आचार्य समयसागर जी और आचार्य सुधासागर जी के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कहीं।
* लेख के अनुसार, संतोष जैन ने यह भी कहा कि “चाणक्ययों एवं गणधरों से बाहर निकलो”।
* इन टिप्पणियों से समाज के कई लोगों को दुःख और पीड़ा हुई है, क्योंकि वे इन मुनियों का सम्मान करते हैं।
समाज की प्रतिक्रिया
* जैन समाज में इस घटना के बाद से लगातार विरोध और आक्रोश का माहौल है।
* कई लोगों ने इन बयानों को आचार्य विद्यासागर महाराज और अन्य पूज्य मुनियों का अपमान माना है।
* प्रदर्शन और नारेबाजी इस बात का सबूत है कि समाज में इस मुद्दे को लेकर कितनी गहरी नाराजगी है।
* लोगों का मानना है कि मंच से इस तरह की बातें कहना अनुचित है और इससे जैन धर्म और मुनियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचती है।
यह पूरी घटना जैन समुदाय के भीतर एक बड़े विवाद को दर्शाती है, जहाँ एक श्रावक द्वारा मंच से दी गई टिप्पणी ने इतना गहरा आक्रोश पैदा कर दिया कि लोगों को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
जैन समुदाय के लोगों का ऐसा भी मानना है अगर व्यक्ति ने स्वयं माफी नहीं मांगी तो और भी उग्र प्रदर्शन किया जाएगा l
















































