पांच आरोपियों को आजीवन कारावास
दमोह में एक साल पहले हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिराज अली ने शुक्रवार को पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह निर्णय सत्र प्रकरण क्रमांक 74/24, राज्य विरुद्ध बृजलाल व अन्य में आया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि घटना 15 मई 2024 को मडियादो गांव स्थित उप तहसील परिसर के पीछे हुई थी। आरोपी बृजलाल उर्फ बिज्जू आदिवासी ने कुल्हाड़ी से हमला किया, जबकि उसके साथियों ने लाठी-डंडों से पीड़ित शंकरलाल को मौत के घाट उतार दिया।
जब शंकरलाल की पत्नी सीताबाई शोर मचाने लगी तो आरोपी मौके से भाग खड़े हुए। पीड़िता ने तुरंत मडियादो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच की कमान संभालते हुए थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बृजेश पांडे ने घटनास्थल से मिले सबूतों और गवाहियों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान, शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप सिंह ठाकुर और राजेंद्र यादव ने प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया।
सजा:
धारा 302/149 आईपीसी – हत्या के अपराध में आजीवन कारावास
धारा 148 आईपीसी – दंगा करने के अपराध में 1 वर्ष का सश्रम कारावास
दोषी करार दिए गए आरोपी:
1. बृजलाल उर्फ बिज्जू आदिवासी (58)
2. बद्री आदिवासी (23)
3. उर्मिला आदिवासी (20)
4. दुर्ग उर्फ टाई आदिवासी (26)
5. बंटी उर्फ भगवानदास आदिवासी (24)
सभी आरोपी भरयाना मोहल्ला, मडियादो के निवासी हैं।













































