——जिनेश जैन की रिपोर्ट———
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कुसमी मानगढ़ में शत-प्रतिशत उपस्थिति – मीना तिवारी की मेहनत रंग लाई
दमोह।
जनपद शिक्षा केंद्र जबेरा के अंतर्गत आने वाले कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कुसमी मानगढ़ की पहचान अब सकारात्मक बदलाव के लिए की जा रही है। जहां पहले छात्राओं की उपस्थिति हमेशा चिंता का विषय बनी रहती थी, वहीं अब विद्यालय में सौ प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
कुसमी मानगढ़ का क्षेत्र अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ माना जाता है। यहां बालिकाओं की शिक्षा को लेकर अभिभावकों में उदासीनता रही है। कई बार बालिकाओं को विद्यालय भेजने के बजाय घर के कामों में लगा दिया जाता था। परिणामस्वरूप विद्यालय की उपस्थिति संख्या हमेशा कम रहती थी और पढ़ाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ता था।
ऐसे माहौल में जब श्रीमती मीना तिवारी का पदस्थापन अधीक्षिका के रूप में हुआ, तो उन्होंने सबसे पहले बालिकाओं और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित किया।
अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया कि विद्यालय में बालिकाओं की सुरक्षा, देखभाल और पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
*डी पी सी एमके द्विवेदी के निर्देशन से विद्यालय में अनुशासन और सकारात्मक वातावरण बनाने पर जोर दिया*
मीना तिवारी की सक्रियता, लगन और जिम्मेदाराना नेतृत्व का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पहले जहां छात्राएं विद्यालय आने में कतराती थीं, वहीं अब उत्साहपूर्वक हर दिन विद्यालय पहुंच रही हैं।
अभिभावकों की सोच में बदलाव आया।
छात्राओं में शिक्षा के प्रति नया उत्साह जागा।
विद्यालय की उपस्थिति पहली बार 100 प्रतिशत पर पहुंच गई।

कुसमी मानगढ़ जैसे पिछड़े क्षेत्र में यह उपलब्धि छोटी नहीं है। यह केवल एक विद्यालय की सफलता नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि अगर समर्पित और ईमानदार प्रयास किए जाएं तो सामाजिक व शैक्षिक स्तर पर बड़ा बदलाव संभव है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीमती तिवारी के मार्गदर्शन और परिश्रम ने विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। छात्राओं का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए उनकी यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी है।
—— जिनेश जैन की रिपोर्ट ——–













































