गर्भवती महिला को नहीं मिली 108 एंबुलेंस, निजी वाहन से ले जाना पड़ा
रिपोर्ट – प्रवीण कुमार दुबे, जबेरा:
जबेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार दोपहर करीब दो बजे कॉलेज कॉलोनी निवासी शुभम चौधरी अपनी गर्भवती पत्नी मोहिनी चौधरी को पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने जांच के बाद स्थिति गंभीर देखते हुए महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों और अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन चार घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। आखिरकार मजबूरी में परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर गर्भवती महिला को मेडिकल कॉलेज जबलपुर ले जाना पड़ा।
परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में 108 एंबुलेंस सेवा को समय पर उपलब्ध कराया जाए ताकि मरीजों को इस तरह की जानलेवा परिस्थितियों से न गुजरना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और एंबुलेंस सेवा में हुई देरी के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सोडिव अहमद खान ने बताया कि गर्भवती महिला को जिला अस्पताल दमोह के लिए रेफर किया गया था, जिसके लिए जननी एंबुलेंस वाहन उपलब्ध हो सकता था। लेकिन परिजन महिला को जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाना चाहते थे, जिसके कारण 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के अनुसार जननी एंबुलेंस वाहन अन्य जिले नहीं भेजे जा सकते।
📍 मुख्य बिंदु:
गर्भवती महिला को 4 घंटे इंतजार के बाद भी नहीं मिली एंबुलेंस
निजी वाहन से जबलपुर ले जानी पड़ी
परिजनों ने जिला प्रशासन से त्वरित एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित करने की मांग की
स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा







