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*अधीक्षक 10 दिन से लापता, छात्रों ने दी सामूहिक शिकायत*

*दमोह के समनापुर सीनियर बालक छात्रावास में अव्यवस्था चरम पर*

*अधीक्षक 10 दिन से लापता, छात्रों ने दी सामूहिक शिकायत*

*जिनेश जैन की रिपोर्ट*

दमोह/आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित समनापुर सीनियर बालक छात्रावास इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से घिरा हुआ है। छात्रावास में निवासरत छात्रों ने ग्राम पंचायत समनापुर की सरपंच को लिखित आवेदन देकर अधीक्षक सुनील बंसल और चौकीदार महेंद्र रैकवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण वे स्वयं को असुरक्षित और परेशान महसूस कर रहे हैं।

*एमपी अपडेट न्यूज़ की टीम ने हड़ताल की पड़ताल में यह सब निकाल कर सामने आया*

*अधीक्षक 10 दिनों से गायब — छात्रावास में प्रबंधन ठप*

बच्चों ने बताया कि अधीक्षक सुनील बंसल पिछले 10 दिनों से छात्रावास में उपस्थित नहीं हैं, जिसकी वजह से— भोजन वितरण नाश्ता स्वास्थ्य देखभाल पानी की व्यवस्था साफ-सफाई सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह बिगड़ चुकी हैं। छात्रों ने यह भी कहा कि अधीक्षक को फोन करने पर वे कॉल रिसीव नहीं करते।

*भोजन और नाश्ते की बेहद खराब व्यवस्था*

छात्रों ने बताया कि मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता। दोनों समय केवल दाल दी जाती है, वह भी पूरी नहीं पड़ती। नाश्ता कभी नहीं दिया जाता।भोजन की गुणवत्ता अत्यंत खराब है। अधीक्षक स्वयं भोजन नहीं करते, जिससे निगरानी नहीं रहती। छात्र कुपोषण जैसी स्थिति झेलने को मजबूर हैं।

*पीने व नहाने के पानी की गंभीर समस्या*

साफ पानी उपलब्ध नहीं। नहाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता। कई दिनों तक टैंकों की सफाई नहीं होती।

*स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त*

छात्रावास के शौचालय—लंबे समय से गंदे हैं,नियमित सफाई नहीं होती,

गंदगी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।

*चौकीदार और अधीक्षक का डराने-धमकाने वाला व्यवहार*

छात्रों ने अपने आवेदन में लिखा कि

चौकीदार महेंद्र रैकवार बच्चों को डराता-धमकाता है। कई छात्र उसकी मौजूदगी में स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं।
छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि महेंद्र रैकवारऔर अधीक्षक सुनील बंसल को रखा गया तो वे छात्रावास में नहीं रहेंगे।

*आर्थिक गड़बड़ी की ओर इशारा*

*सरकार द्वारा छात्रावास के लिए प्रतिमाह उपलब्ध कराया जाता है*
6 कुंटल गेहूँ 1.5 कुंटल से अधिक चावल ₹10,000 भोजन व्यय मद

इसके बावजूद—भोजन की कमी

नाश्ते का अभाव पानी और सफाई की समस्या जारी रहना गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करता है। छात्रों ने यह भी कहा कि अधीक्षक ने उनसे घरों से पैसे लाने को कहा था, लेकिन व्यवस्था फिर भी नहीं सुधरी।

खेल सामग्री और मूल सुविधाओं का अभाव छात्रावास में कोई खेल सामग्री नहीं। बच्चे टूटे फर्श पर खेलने को मजबूर हैं।

*अधिकारियों से संपर्क नहीं लापरवाही उजागर*

जिला संयोजक अदिति शांडिल्य को फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

हाईस्कूल प्राचार्य जी. एल. विश्वकर्मा ने पुष्टि की कि छात्र अक्सर शिकायतें लेकर उनके पास पहुँचते हैं।

*व्यवस्था पहले ठीक थी, अब बिगड़ी*

स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रावास पिछले दो वर्षों तक अच्छी तरह संचालित हो रहा था, लेकिन हालही में व्यवस्था तेजी से बिगड़ गई।

*विद्यार्थियों की सामूहिक मांग*
*शिकायत करने वाले छात्र*

पवन गौंड राजेंद्र गौंड नाग अर्जुन लोधी अरुण गौंड खेत राय नबकुश लोधी आवेश यादव भूपेंद्र नायक धनुषकुमार गौंड अभिनंदन लोधी लवकुश गजेंद्र लोधी सुरेश राज शुभम चौकसे
इन सभी छात्रों ने सरपंच और प्रशासन से अनुरोध किया है कि अधीक्षक एवं चौकीदार पर कार्रवाई की जाए। छात्रावास की मूलभूत व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए।

सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

समनापुर सीनियर बालक छात्रावास की यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही की गंभीर मिसाल है।

छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल निरीक्षण, कार्रवाई और व्यवस्था सुधार की आवश्यकता है।

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