—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*भूमि एवं आजीविका के मुद्दों को लेकर जिला समन्वय बैठक सम्पन्न*
दमोह/हिण्डोरिया जन संगठन एकता परिषद की मांग पर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में भूमि एवं आजीविका से जुड़े मुद्दों के समाधान हेतु जिला समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक अपरान्ह 2 बजे से शाम 6 बजे तक चली।
बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने की, जबकि आयोजन आदिम जाति कल्याण विभाग दमोह की संयोजक अदिति शाण्डिल्य द्वारा किया गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं जिला दमोह के हटा, पटेरा, दमोह, बटियागढ़, तेंदूखेड़ा एवं जबेरा विकासखंडों से एकता परिषद के 40 से अधिक ग्रामीण मुखिया उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन, दावे एवं पावती के साथ बैठक में भाग लिया।
मध्यप्रदेश एकता परिषद के पूर्व राज्य समन्वयक सुजात खान ने बताया कि कलेक्टर ने सभी ग्रामीण प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और जनजातीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विमर्श किया। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि जनजातीय अधिकारों एवं आजीविका से जुड़े मामलों की प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही जागरूक एवं संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल करते हुए एक टास्क फोर्स समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया।
कलेक्टर ने जनजातीय विभाग को मौखिक निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य की बैठकों में सभी संबंधित विभाग प्रमुखों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। बैठक में वन अधिकार समितियों को सशक्त करने, उन्हें प्रशिक्षण देने, लंबित वन अधिकार दावों का शीघ्र निराकरण, त्रुटिपूर्ण वन अधिकार पत्रों में सुधार, वन विभाग द्वारा की जा रही बेदखली पर तत्काल रोक, सामुदायिक दावे प्रस्तुत करने तथा वन अधिकार धारकों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति बनी।
इन सभी मुद्दों के प्रभावी समाधान हेतु एकता परिषद एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से जिले में सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही इन विषयों की नियमित निगरानी के लिए मासिक समीक्षा बैठक आयोजित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में जनजातीय विभाग द्वारा वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त केन-बेतवा लिंक परियोजना, नौरादेही अभ्यारण्य, पन्ना टाइगर रिजर्व एवं अन्य अभ्यारण्यों/सेंचुरी निर्माण से प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर भी गहन चर्चा एवं सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
सुजात खान ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह समन्वय बैठक जनजातीय समुदाय के अधिकारों और आजीविका के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में रजनी ठाकुर, अयोध्या, भूपेन्द्र, रक्कू गौड़, बलराम, घनश्याम प्रसाद, श्रीकांत पोर्ते, शिवलाल सिंह आदिवासी, लल्लू आदिवासी सहित जिले के सभी विकासखंडों के जिम्मेदार प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।









