—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*शिवाजी स्कूल चौराहे पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, प्रशासन की उदासीनता पर उठे सवाल*
*भू माफियों के द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय*
दमोह। शहर के प्रमुख शिवाजी स्कूल चौराहे एवं पुराने थाने की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित शिवाजी स्कूल के सामने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार उक्त स्थान पर वर्षों पूर्व एक सरकारी स्तंभ स्थापित था, जिस पर बाद में अवैध रूप से एक दुकान का निर्माण कर दिया गया और बताया जा रहा है कि उक्त दुकान को करीब 70 लाख रुपये में बेच दिया गया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि अब उसी सरकारी भूमि पर पुनः कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
यह स्थान शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि इस तरह अतिक्रमण को बढ़ावा मिलता रहा तो आने वाले समय में दमोह के प्रमुख चौराहों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा और चौराहों की जगह बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो जाएंगी।
इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
लोगों ने प्रशासन पर यह आरोप भी लगाया कि जब अतिक्रमण की शुरुआत होती है, तब प्रशासन आंखें मूंदे रहता है, लेकिन जब हालात बिगड़ जाते हैं और आवागमन बाधित होने लगता है, तब जाकर प्रशासन की नींद टूटती है।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
नगर पालिका सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष इस और ध्यान दे l
(1) सवाल उठता है अगर कागज है तो किसने परमिशन दी
(2) अतिक्रमण की स्थिति में जवाब देही सुनिश्चित करे नगरपालिका l
(3) कितने कीमत से किसने खरीदा और विक्रय किसने किया l
(4) जांच के बाद आरोपो पर लगेगा विराम…….?
(5) किसकी है संलिप्त भूमिका पूछते हैं आस पास के लोग….? अचानक मामला आया सामने….?








