—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*पुलिस की नई पहल से बच्चों को मिलेगा सुरक्षा और भरोसे का सहारा*
*स्कूलों में स्थापित की गई “हौसला पेटी”, गोपनीय शिकायत पर होगी त्वरित कार्रवाई*
दमोह जिले में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक सशक्तिकरण और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर दमोह पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा एक अभिनव और संवेदनशील पहल की शुरुआत की गई है।
इस पहल के तहत जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में “हौसला पेटी” की स्थापना की गई है, जिससे छात्र-छात्राएं बिना किसी भय के अपनी समस्याओं को सामने रख सकें।
आज के समय में कई बच्चे भय, उत्पीड़न, मानसिक दबाव, धमकी, छेड़छाड़, बुलीइंग अथवा पारिवारिक अथवा शैक्षणिक समस्याओं से जूझते रहते हैं, लेकिन डर या संकोच के कारण वे अपनी बात किसी से साझा नहीं कर पाते। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय ने “हौसला पेटी” की अवधारणा को लागू किया है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में एक सुरक्षित स्थान पर हौसला पेटी लगाई गई है, जिसमें कोई भी छात्र या छात्रा अपनी समस्या, शिकायत या सुझाव लिखकर डाल सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी, जिससे बच्चों को किसी प्रकार का भय न हो और वे खुलकर अपनी बात लिख सकें।
दमोह पुलिस द्वारा निर्धारित समयांतराल पर इन पेटियों को खोला जाएगा और प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। यदि किसी शिकायत में अपराध या सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आता है, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सामान्य समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय प्रबंधन, परामर्शदाता एवं अभिभावकों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं बल्कि उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि पुलिस उनके साथ है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। “हौसला पेटी” बच्चों के लिए एक ऐसा मंच बनेगी, जहाँ वे निडर होकर अपनी भावनाएं, परेशानियां और आशंकाएं व्यक्त कर सकेंगे।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं अभिभावकों से इस पहल को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों को जागरूक किया जाए, उन्हें समझाया जाए कि अपनी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय हौसला पेटी के माध्यम से साझा करें। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि विद्यालयों में सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण का निर्माण भी होगा।
दमोह पुलिस की यह पहल जिले में बाल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय कदम मानी जा रही है, जिसकी आमजन और शिक्षाविदों द्वारा सराहना की जा रही है।












