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*मधुमक्खियों के हमले में बच्चों को बचाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहीद, नीमच के रानपुर गांव में मानवता की मिसाल*

—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—

*मधुमक्खियों के हमले में बच्चों को बचाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शहीद, नीमच के रानपुर गांव में मानवता की मिसाल*

नीमच।
नीमच जिले के रानपुर गांव में 3 फरवरी की दोपहर मानवता, साहस और मातृत्व की ऐसी अद्भुत मिसाल देखने को मिली, जिसने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। मड़ावदा पंचायत स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में खेल रहे करीब 20 मासूम बच्चों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से केंद्र में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों में चीख-पुकार शुरू हो गई।

इसी भयावह स्थिति में आंगनवाड़ी केंद्र में पदस्थ कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल बच्चों के लिए ढाल बनकर सामने आईं। बिना अपनी जान की परवाह किए उन्होंने तिरपाल व उपलब्ध अन्य साधनों से बच्चों को ढकते हुए एक-एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।

मधुमक्खियों के हजारों डंक झेलने के बावजूद वे तब तक रुकी नहीं, जब तक आखिरी बच्चा पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो गया।

बच्चों की जान बचाने के इस महान प्रयास में कंचन बाई मेघवाल ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।

उनका यह साहसिक और निस्वार्थ कार्य पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

कंचन बाई सिर्फ एक आंगनवाड़ी कर्मी नहीं थीं, बल्कि वे मातृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य साहस की जीवंत प्रतिमूर्ति थीं। उनका यह त्याग समाज को यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें दूसरों की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया जाए।

कई लोग जीवन जीते-जी अमर हो जाते हैं—
वीरांगना कंचन बाई मेघवाल उन्हीं में से एक थीं।
एमपी अपडेट न्यूज़ टीम आपको शत-शत नमन।
ॐ शांति ॐ

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