—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*हृदयाघात से कर्मचारी की मौत परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोप जांच जारी*
दमोह – जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलाई स्थित माइसेम सीमेंट फैक्ट्री में शनिवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी। फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी गोविंद अहीरवाल की अचानक हृदय गति रुकने से मौत हो गई। गोविंद अहीरवाल इमलाई ग्राम के निवासी थे और कंपनी के क्वालिटी विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
बताया जा रहा है कि घटना के समय गोविंद फैक्ट्री परिसर में ड्यूटी पर मौजूद थे। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे गिर पड़े। साथ काम कर रहे कर्मचारियों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। उन्हें तत्काल उपचार के लिए ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन और सहकर्मियों में शोक का माहौल छा गया। कंपनी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि गोविंद अहीरवाल एक अनुभवी, मेहनती और जिम्मेदार कर्मचारी थे। उनका निधन कंपनी के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
हालांकि, इस घटना के बाद मामला तब और गंभीर हो गया जब मृतक के परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन और कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि गोविंद अहीरवाल को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वे तनाव में रहते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद उन्हें सूचना नहीं दी गई और करीब दो घंटे बाद जानकारी दी गई, जो कई सवाल खड़े करता है।
परिजनों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते उन्हें सूचना मिल जाती या उचित चिकित्सा सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की गई। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या प्रताड़ना की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सके।












































