—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज दमोह—
*बलखंडन खेर माता धाम में आस्था का अद्भुत संगम 38 डिग्री तापमान में दंडवत करते पहुंचे हजारों श्रद्धालु*

तेन्दूखेड़ा/दमोह। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा विकासखंड अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध बलखंडन खेर माता धाम में आस्था का अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। भीषण गर्मी और लगभग 38 डिग्री तापमान के बावजूद हजारों श्रद्धालु कठिन पथरीले मार्ग पर दंडवत (लेट-लेटकर) यात्रा करते हुए माता के दरबार तक पहुंचे।
दोपहर की चिलचिलाती धूप में जहां जमीन तप रही थी, वहीं श्रद्धालु पूरे शरीर को जमीन से स्पर्श करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। कई भक्तों ने शरीर पर केवल एक कपड़ा लपेटकर यह कठिन तपस्या पूरी की। पत्थरों और कंकड़ों से भरे रास्ते पर दंडवत करते हुए भी उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि माता के दर्शन की गहरी श्रद्धा और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
चारों ओर “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
मान्यता है कि जिन भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, वे चैत्र नवरात्रि की नवमी पर इस प्रकार दंडवत करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं। कई श्रद्धालु कई दिनों का व्रत रखकर यहां आते हैं और यहीं आकर व्रत खोलते हैं।
भक्त गांवों से एक स्थान पर एकत्रित होकर सामूहिक रूप से जयकारों के साथ यात्रा प्रारंभ करते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार बलखंडन खेर माता धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंचायत द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और भविष्य में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, मंदिर वन क्षेत्र में होने के कारण यहां विकास कार्य सीमित रूप से हो पा रहे हैं।
करीब 700 की आबादी वाले इस क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोग निवास करते हैं, लेकिन यहां धार्मिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिलती है। मुस्लिम समाज के लोग भी श्रद्धालुओं की सेवा, पानी वितरण और अन्य सहयोग कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
यहां की परंपरा केवल दंडवत यात्रा तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर श्रद्धालु अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए शरीर में बाना (लोहे की सुई) धारण करते हैं और विशेष अनुष्ठान करते हैं। यह दृश्य देखने वालों को भाव-विभोर कर देता है।
श्रद्धालु इसे माता रानी की कृपा और शक्ति का प्रतीक मानते हैं।
भीषण गर्मी, कठिन रास्ते और शारीरिक कष्ट भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सके। बलखंडन खेर माता धाम में उमड़ा यह जनसैलाब एक बार फिर साबित करता है कि सच्ची श्रद्धा के आगे हर कठिनाई छोटी पड़ जाती है।










































