—प्रधान संपादक पंडित संदीप शर्मा एमपी अपडेट न्यूज़ दमोह—
*भजिया प्राथमिक स्कूल की आधी छत गिरी 150 बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा*
*जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्र-छात्राएं अधिकारियों को सूचना के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई*


*जबेरा से प्रवीण दुबे की खास रिपोर्ट*
दमोह/सिंग्रामपुर जबेरा जनपद पंचायत के अंतर्गत सिंगपुर संकुल केंद्र के ग्राम भजिया स्थित शासकीय प्राथमिक शाला भवन की जर्जर हालत अब बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। विद्यालय भवन की छत लंबे समय से क्षतिग्रस्त है और एक कमरे की छत का हिस्सा गिर चुका है। इसके बावजूद करीब 150 छात्र-छात्राएं इसी परिसर में पढ़ने को मजबूर हैं।
विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। भवन की खराब स्थिति के चलते फिलहाल बच्चों को मात्र दो कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। बच्चों की पढ़ाई के साथ मध्यान्ह भोजन और अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है।
अधिकारियों को कई बार दी गई जानकारी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक परम सिंह के अनुसार, स्कूल भवन की जर्जर स्थिति के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक भवन की मरम्मत अथवा नए भवन के निर्माण के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत नहीं हुई है।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय को किसी सुरक्षित वैकल्पिक भवन में संचालित करने की दिशा में भी अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
पूर्व शिक्षा अधिकारी एस के नेमा को भी दी गई थी जानकारी
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, विद्यालय भवन की समस्या के संबंध में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा को भी पूर्व में अवगत कराया गया था। बताया गया है कि इस संबंध में लिखित आवेदन और शिकायतें भी दी गई थीं।
विद्यालय प्रबंधन का आरोप है कि विद्यालय भवन से संबंधित आवश्यक कार्य के लिए राशि उपलब्ध कराने की मांग किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हालांकि इन आरोपों को लेकर संबंधित तत्कालीन अधिकारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
आसपास के कई स्कूल भवन भी जर्जर
सिंगपुर संकुल सहित जबेरा जनपद क्षेत्र के कई अन्य शासकीय स्कूल भवनों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। हरदुआ, कोंड़ा, आमघाट, सुन्कंड और सुनवुराह सहित कई गांवों के विद्यालय भवनों में कहीं छत क्षतिग्रस्त है तो कहीं भवन की अन्य संरचनाएं खराब हालत में हैं।
बारिश के दौरान इन विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित बैठाना और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ग्रामीणों ने पूरे क्षेत्र के जर्जर स्कूल भवनों का तकनीकी सर्वे कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जताई बड़े हादसे की आशंका
ग्रामवासी मनोज चौधरी ने बताया कि यह सौभाग्य की बात है कि अब तक जर्जर भवन के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। करीब 150 बच्चे सीमित दो कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि जर्जर भवन के आसपास बच्चे खेलते भी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अचानक भवन का कोई और हिस्सा गिरता है तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए हादसा होने का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।
हादसे से पहले कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि भजिया प्राथमिक शाला भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। यदि भवन मरम्मत योग्य है तो उसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए और यदि भवन अनुपयोगी घोषित होता है तो बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर पढ़ाने की व्यवस्था की जाए।
साथ ही नए भवन के निर्माण के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 150 बच्चों का भविष्य और सुरक्षा किसी भी स्थिति में जोखिम में नहीं डाली जा सकती। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की अपील
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि बच्चों की जान को खतरा पैदा करने वाली स्थिति में केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण और ठोस कार्रवाई जरूरी है।
एमपी अपडेट न्यूज़ का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि सामने आई समस्या को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाना है, ताकि समय रहते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विद्यालय भवन की स्थिति की तस्वीरें भी स्थिति की गंभीरता को सामने रखती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।
और भी खुलासे होने की संभावना पिक्चर अभी बाकी है




























