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अतिथि शिक्षकों की समस्याएँ को लेकर दिए गए ज्ञापन

अतिथि शिक्षकों की समस्याएँ को लेकर दिए गए ज्ञापन

दमोह मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है,

जिनमें कम वेतन, ई-अटेंडेंस प्रणाली और अन्य प्रशासनिक दिक्कतें शामिल हैं। दमोह में अतिथि शिक्षक संघ द्वारा 7 सितंबर 2025 को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को सौंपे गए ज्ञापन और जिलाधीश को लिखे गए पत्र में इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।

प्रमुख समस्याएँ और माँगें

1. वेतन और आर्थिक शोषण

अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तुलना में बहुत कम वेतन दिया जाता है, जो कई बार मजदूरी से भी कम होता है। उन्हें अक्सर दूर-दराज के स्कूलों में पढ़ाने के लिए भेजा जाता है, जिससे उनके यात्रा खर्च और समय की बर्बादी होती है।

अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि ई-अटेंडेंस के नाम पर केवल उन्हीं का वेतन काटा जा रहा है, जबकि नियमित कर्मचारियों के साथ ऐसा नहीं होता। वे इसे आर्थिक शोषण मानते हैं।

2. ई-अटेंडेंस प्रणाली की समस्या

ई-अटेंडेंस प्रणाली अतिथि शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

इस प्रणाली से जुड़ी मुख्य दिक्कतें

* नेटवर्क की समस्या: अधिकतर ग्रामीण स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है, जिससे शिक्षक अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाते।
* तकनीकी बाधाएँ: यह ऐप केवल 5G मोबाइल पर सही से काम करता है। अतिथि शिक्षकों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उनके लिए 5G मोबाइल खरीदना मुश्किल है।

* वेतन कटौती: जुलाई और अगस्त महीने का मानदेय ई-अटेंडेंस के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे वेतन में भारी कटौती हो रही है। जबकि, शिक्षा मंत्री ने वीडियो के माध्यम से आश्वासन दिया था कि ई-अटेंडेंस के नाम पर वेतन में कोई कटौती नहीं होगी।

3. सरकारी वादों का पूरा न होना

अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 सितंबर 2023 को महापंचायत बुलाने और उनकी समस्याओं को हल करने के वादे को पूरा न होने पर निराशा व्यक्त की है।

उनका कहना है कि सरकार ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी स्थिति और भी बदतर हो गई है।

अतिथि शिक्षक संघ की माँगें

दमोह के अतिथि शिक्षक संघ ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निम्नलिखित माँगें रखी हैं:

*समस्त शासकीय स्कूल के टीचरों की बराबर ही अतिथि शिक्षक कार्य करते हैं और उनके साथ ऐसा भेदभाव क्यों*

*जबकि जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा है शिक्षक शिक्षक होते हैं चाहे वह अतिथि हो*

*जिला शिक्षा अधिकारी एस के नेमा का कहना है भोपाल के आदेशित पत्र द्वारा अतिथि शिक्षकों को अटेंडेंस डालनी ही होगी*

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जिला शिक्षा अधिकारी एस के नेमा पर भी उठाते हैं गंभीर सवाल क्योंकि सभी शिक्षकों को e अटेंडेंस डालने की पात्रता है ना कि सिर्फ अतिथि शिक्षकों को*

* वेतन भुगतान: जुलाई और अगस्त 2025 का मानदेय ई-अटेंडेंस के बजाय नियमित शिक्षकों की तरह उपस्थिति रजिस्टर के आधार पर दिया जाए।

* ई-अटेंडेंस का सही क्रियान्वयन: सितंबर 2025 से ई-अटेंडेंस प्रणाली को सुचारू रूप से लागू किया जाए, ताकि नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण वेतन में कटौती न हो।

* स्थायी समाधान: अतिथि शिक्षकों को नियमित करने और उनकी वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।

इन समस्याओं के चलते अतिथि शिक्षकों में काफी रोष है। वे सरकार से अपनी स्थिति में सुधार के लिए तुरंत कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि वे बिना किसी आर्थिक और प्रशासनिक दबाव के शिक्षण कार्य कर सकें।

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